Table of Contents
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
वैश्विक LPG संकट का खतरा: भारत के बड़े शहरों में बंद हो रहे होटल और रेस्तरां
मिडिल ईस्ट में चल रही राजनीतिक अस्थिरता के कारण वैश्विक LPG आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आ गई है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव भारत के प्रमुख शहरों पर पड़ रहा है। कर्नाटक के बेंगलुरु में होटल और रेस्तरां आज (10 मार्च) से बंद होने लगे हैं, जबकि पुणे में गैस आधारित श्मशान घाट भी अस्थाई रूप से बंद कर दिए गए हैं।
बेंगलुरु में होटल व्यवसाय पर संकट 🚪
बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने सोमवार को जानकारी दी कि कमर्शियल LPG सिलेंडर की आपूर्ति 9 मार्च से बिना किसी पूर्व सूचना के रोक दी गई है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है, “गैस के बिना खाना बनाना असंभव है। होटल उद्योग एक महत्वपूर्ण सेवा है, जिसमें छात्र, वरिष्ठ नागरिक और आम लोग भोजन के लिए निर्भर करते हैं। यदि व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो शहर भर के होटल और रेस्तरां बंद हो सकते हैं।” रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के हजारों रेस्तरां इस संकट से प्रभावित हुए हैं और अधिकांश स्थानों पर दोपहर के बाद बंदी हो चुकी है।
मुंबई और पुणे में बढ़ती चिंता ⚠️
इसी प्रकार, महाराष्ट्र और कर्नाटक के रेस्तरां एसोसिएशन ने भी चेतावनी जारी की है कि यदि अगले कुछ दिनों में गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो मुंबई, पुणे, और बेंगलुरु जैसे शहरों में रेस्तरां और होटल भी बंद हो सकते हैं। मुंबई में, होटल मालिकों ने कहा है कि उनके पास केवल 2-3 दिनों का गैस स्टॉक मौजूद है।
पुणे के श्मशान घाट पर असर ⚰️
पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) ने 5 मार्च से गैस आधारित श्मशान घाट को अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए LPG को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके कारण अब केवल इलेक्ट्रिक और लकड़ी से चलने वाले भट्टियों का ही उपयोग किया जा रहा है।
ईरान-भारत संबंध और LPG का संकट 🌍
ईरान के साथ बढ़ते तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में रुकावट के परिणामस्वरूप, भारत का लगभग 85-90% LPG आयात प्रभावित हुआ है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल सप्लाई पर रोक लगा दी है। हालांकि, सरकार का दावा है कि घरेलू उपयोग के लिए 40 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है, किंतु होटल-रेस्तरां उद्योग पर इसका भयंकर प्रभाव पड़ा है।
उद्योग की मांग: सरकार करें हस्तक्षेप 🏛️
उद्योग संगठनों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो खाद्य दुकानों के बंद होने से लाखों लोगों को रोज़ाना भोजन प्राप्त करने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इस प्रकार, इस विपत्ति का प्रभाव न केवल व्यवसायों पर बल्कि आम जनता पर भी पड़ेगा, जिससे एक गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!