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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
राज्य में किसानों के लिए नई संभावनाएँ
रांची: झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज राज्य के 28 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की। यह सहायता वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान FPO के विकास और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दी गई है। इस अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन मंत्री ने दीप जलाकर किया।
किसान उत्पादक संगठनों का महत्व 🧑🌾
मंत्री ने कहा कि यह रकम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगी। उन्होंने FPOs को किसानों के लिए जिम्मेदारी निभाने और नेतृत्वशीलता के रूप में कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने आगे बताया कि FPO को किसानों को नवीनतम तकनीकी विधियों, सही फसल चयन और आधुनिक खेती के तरीकों से जोड़कर उनकी आय को दोगुना करने में मदद करनी चाहिए। इससे किसान सरकारी योजनाओं का लाभ भी बेहतर तरीके से उठा सकेंगे।
योजनाओं की जानकारी साझा करने की आवश्यकता
मंत्री ने कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि सहायता राशि प्राप्त करने वाले FPO के लिए योजनाओं की पूरी सूची एक वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाए, जिससे किसान आसानी से जानकारियों तक पहुंच सकें। इसके साथ ही, सफल किसानों की कहानियों को भी साझा किया जाना चाहिए ताकि अन्य किसान प्रेरित हों।
प्रेरणादायक उदाहरण: विमला देवी 🥛
कार्यशाला में मंत्री ने विमला देवी का उदाहरण पेश किया, जो इटकी प्रखंड के ठाकुरगांव की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि विमला देवी ने राष्ट्रीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। उन्होंने एक छोटी शुरुआत से 80,000 लीटर दुग्ध संग्रह करने की उपलब्धि हासिल की है, जो अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मंत्री ने कहा कि झारखंड में कृषि क्षेत्र से 50 प्रतिशत रोजगार जुड़ा हुआ है, जो इसके व्यवसायिक संभावनाओं को दर्शाता है।
उपस्थित गणमान्य व्यक्तित्व
इस कार्यक्रम में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एससी दुबे, कृषि निदेशक भोर सिंह यादव, नाबार्ड के सामान्य प्रबंधक आरएस भागवानी, और SLBC के उपमहाप्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा जैसी कई प्रमुख शख्सियतें उपस्थित रहीं।
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