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मुंबई:
तांत्रिक जगत के रहस्यों का पर्दाफाश
ट्रेलर में भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास, परंपरागत मान्यताएं और खतरनाक तांत्रिक क्रियाएं प्रदर्शित की गई हैं, जो दर्शकों को झकझोरने वाली हैं। यह फिल्म चरक मेला की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहाँ लोग अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए अजीब क्रियाएँ करते हैं। इसमें विश्वास और अंधविश्वास के बीच की नाजुक रेखा को प्रदर्शित किया गया है।
डर और भय का माहौल
ट्रेलर में अघोरी जैसी प्रथाएं, बलिदान के अनुष्ठान, शारीरिक कष्ट सहने वाली विधियाँ और तंत्र-मंत्र के विभिन्न रूपों को दिखाया गया है। इस फिल्म का वातावरण इतना उत्तेजक है कि विश्वास के स्थान पर डर और भय प्रमुख हो जाता है। ट्रेलर का टैगलाइन भी दिलचस्प है – ‘विश्वास बचा सकता है, अंधविश्वास बर्बाद कर सकता है।’
तंत्र-मंत्र की विद्या पर सवाल खड़े करती फिल्म
फिल्म का निर्देशन शीलादित्य मौलिक ने किया है। इसमें अनुभवी कलाकारों की टीम देखी जा रही है, जिसमें अंजलि पाटिल, साहिदुर रहमान, सुब्रत दत्ता, शशि भूषण, नलनीश नील, शंखदीप और शौनक श्यामल शामिल हैं। ये सभी कलाकार अपने किरदारों के माध्यम से मनोवैज्ञानिक गहराई और ग्रामीण परंपराओं की छायाओं को जीवंत करते नजर आएंगे।
समाजिक मुद्दों की पड़ताल
सुदीप्तो सेन ने इस फिल्म को भारतीय गांवों की वास्तविक घटनाओं पर आधारित बताया है, जहां लोग अंधविश्वास के कारण कुछ खतरनाक रास्ते चुन लेते हैं। ट्रेलर में यह दिखाया गया है कि कैसे एक त्योहार के नाम पर समाज में डर और शोषण बढ़ता है। यह सिर्फ एक थ्रिलर नहीं है, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी गंभीर सवाल उठाती है – क्या विश्वास की आड़ में किसी भी सीमा को पार करना उचित है?
6 मार्च को होगी फिल्म की रिलीज
फिल्म की प्रोडक्शन सिपिंग टी सिनेमाज और सुदीप्तो सेन प्रोडक्शंस के बैनर तले की गई है, जबकि पेन स्टूडियोज इसे प्रस्तुत कर रही है। ट्रेलर के रिलीज होने के बाद से सोशल मीडिया पर इसे ‘गट रेंचिंग’ और ‘हिंदी सिनेमा में कुछ नया’ बताया जा रहा है। कई दर्शक इसे देखकर दहशत में हैं, जबकि कुछ इसे विचारोत्तेजक करार दे रहे हैं। 6 मार्च को प्रदर्शित होने वाली यह फिल्म निश्चित रूप से बॉक्स ऑफिस पर चर्चा का विषय बनेगी, विशेष रूप से उन सूझ-बूझ रखने वाले दर्शकों के बीच जो सामाजिक मुद्दों पर आधारित थ्रिलर पसंद करते हैं।
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