झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से ED समन मामले में राहत मिली।

by PragyaPragya
supreme court

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन को दिए राहत

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ED (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा समन अवहेलना मामले में सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्राप्त हुई है। अदालत ने रांची की MP-MLA विशेष अदालत में ED की शिकायत पर चल रही कार्यवाही को तुरंत रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ED को नोटिस जारी कर उसका जवाब मांगा है।

भूमि घोटाले से जुड़ा मामला

यह मामला झारखंड में कथित भूमि घोटाले के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है, जिसमें ED ने सोरेन को कई बार समन भेजा था। सीएम सोरेन के बार-बार उपस्थित नहीं होने पर, ED ने फरवरी 2025 में रांची के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट में शिकायत दायर की थी। CJM ने मामले की जांच शुरू की और इसे MP-MLA विशेष अदालत में स्थानांतरित किया। झारखंड हाईकोर्ट ने सोरेन की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने संज्ञान आदेश को चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

हाईकोर्ट ने ट्रायल जारी रखने की अनुमति दी थी, लेकिन व्यक्तिगत पेशी से छूट प्रदान की थी। इसके खिलाफ, सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने हाल ही में इस मामले पर सुनवाई की।
अदालत ने निम्नलिखित आदेश दिए:

  • रांची MP-MLA विशेष अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
  • ED को चार हफ्तों के भीतर जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का आदेश दिया गया।
  • सोरेन की ओर से 2 हफ्तों के भीतर जवाबी हलफनामा पेश किया जा सकता है।

सुनवाई के दौरान बेंच ने ED की कई शिकायतों पर चर्चा की और कहा कि समन का उद्देश्य लगभग पूरा हो चुका प्रतीत होता है, इसलिए अब सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री के लिए महत्वपूर्ण राहत

यह निर्णय हेमंत सोरेन के लिए तत्काल महत्वपूर्ण है, क्योंकि निचली अदालत में आगे की कार्रवाई (जैसे गवाही, ट्रायल) तब तक रोक दी गई है, जब तक सुप्रीम कोर्ट इस पर आगे का निर्णय नहीं करता। ED ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने 8 बार समन का उल्लंघन किया था, जबकि उन्होंने केवल दो बार पेशी दी थी। अगली सुनवाई ED के उत्तर के बाद निर्धारित की जाएगी।

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