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रांची: एयर एंबुलेंस दुर्घटना ने कई सवाल पैदा कर दिए हैं। क्या मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज करके विमान की उड़ान को मंजूरी दी गई थी? झारखंड में मौसम विभाग ने शाम को यलो अलर्ट जारी किया था, जिसमें रांची-लातेहार-गढ़वा-लोहरदगा में बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद, विमान को उड़ान भरने की अनुमति देना एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
रांची से दिल्ली की ओर जाने वाला एयर एंबुलेंस सिमरिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे खोजबीन में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
चेतावनी को नजरअंदाज किया गया?
झारखंड के उपरोक्त क्षेत्रों में मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच यह दुर्घटना गंभीर सवाल उठाती है। हादसे के समय, IMD Ranchi द्वारा ‘हल्के तूफान के साथ सतही हवा (30–40 किमी प्रति घंटा)’ की चेतावनी जारी की गई थी।
झारखंड मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया था
मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में यह स्पष्ट किया था कि अगले तीन घंटों में गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना है। यह चेतावनी रात 8:02 बजे तक प्रभावी रही।
किस विमान का हुआ हादसा?
दुर्घटनाग्रस्त विमान Beechcraft C90 मॉडल का एयर एंबुलेंस था, जिसे आमतौर पर चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए उपयोग किया जाता है। यह विमान IFR (Instrument Flight Rules) सक्षम माना जाता है, लेकिन थंडरस्टॉर्म के दौरान छोटे और मध्यम आकार के टर्बोप्रॉप विमानों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
थंडरस्टॉर्म क्यों है खतरनाक?
विशेषज्ञों का मानना है कि असली खतरा केवल 30–40 किमी प्रति घंटा की गति वाली हवा नहीं, बल्कि अचानक उत्पन्न होने वाला microburst और wind shear होता है। विमानन के मूल सिद्धांत अनुसार लिफ्ट की गणना हवा के सापेक्ष गति पर निर्भर करती है। यदि wind shear के कारण गति में कमी आती है, तो लिफ्ट में भारी गिरावट आ सकती है।
रात में उड़ान से खतरा और बढ़ा
रात में उड़ान भरने से विभिन्न प्रकार के खतरों का सामना करना पड़ता है। इसमें बादलों की वास्तविक ऊंचाई का आकलन करना कठिन हो जाता है। तेज बारिश से दृश्यता शून्य के स्तर तक पहुंच जाती है। अतिरिक्त रूप से, भारी बादलों और बिजली की चमक से पायलट को दिशा का भ्रामक अनुभव हो सकता है।
एयर एंबुलेंस क्रैश पर उठ रहे अहम सवाल
- क्या टेकऑफ से पहले अद्यतन METAR/TAF रिपोर्ट प्राप्त की गई थी?
- क्या मार्ग में सक्रिय थंडरस्टॉर्म सेल मौजूद था?
- क्या वैकल्पिक हवाई अड्डे के लिए योजना तैयार की गई थी?
- क्या एटीसी ने मौसम की अद्यतन जानकारी प्रदान की थी?
आधिकारिक जांच का इंतजार
वर्तमान में, दुर्घटना की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जब तक FDR (Flight Data Recorder), CVR (Cockpit Voice Recorder) और रडार डेटा का विश्लेषण नहीं किया जाता, तब तक अंतिम कारण बताना कठिन होगा। परंतु, यह सवाल उठता है कि — क्या जारी मौसम चेतावनी को पर्याप्त गंभीरता से लिया गया था?
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