विधायक भूषण बाड़ा ने 4 स्थलों पर 100 MT क्षमता वाले लैम्पस गोदामों का उद्घाटन किया।

by PragyaPragya
20260222 201218

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

सिमडेगा में किसानों के लिए भंडारण सुविधा का शुभारंभ 🌾

झारखंड के सिमडेगा जिले में किसानों की फसल के सुरक्षित भंडारण को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने जोगबहार, पिथरा, कोचेडेगा और बंगरू में 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले लैम्पस गोदामों का सामूहिक शिलान्यास किया। यह पहल कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के समेकित सहकारिता विकास परियोजना के अंतर्गत की जा रही है।

शिलान्यास समारोह में स्थानीय नेताओं की मौजूदगी 🏛️

इस कार्यक्रम में महिला जिला अध्यक्ष और ज़िला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने भी संयुक्त रूप से आधारशिला रखी। समारोह में ज़िला परिषद सदस्य सामरोम पौल तोपनो, मुखिया दुर्गा उरांव, विधायक प्रतिनिधि शीतल तिर्की, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेट्टा सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम 💬

विधायक भूषण बाड़ा ने इस अवसर पर कहा, “यह लैम्पस गोदाम किसानों की मेहनत को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत आधार बनेगा। इससे किसान बाजार की मजबूरी या तात्कालिक बिक्री के दबाव से मुक्त हो सकेंगे। फसल के सुरक्षित भंडारण से उन्हें बेहतर मूल्य पाने का मौका मिलेगा। हमारी सरकार ग्रामीण विकास और किसान सशक्तिकरण के प्रति समर्पित है। आने वाले समय में सभी प्रखंडों में इसी प्रकार की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।”

महिलाओं की सहभागिता पर ज़ोर 🔍

महिला जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा ने अपने संबोधन में ग्रामीण महिलाओं की महत्ता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा, “ग्रामीण महिलाएं कृषि, पशुपालन और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। लैम्पस गोदाम कृषि उत्पादों, दुग्ध उत्पादों और SHG द्वारा निर्मित वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की अनुमति देगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और बाजार तक पहुंच सरल होगी। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत बनाएगी।” उन्होंने ग्रामीणों को सहकारिता मॉडल अपनाने की अपील की ताकि सामूहिक विकास को बढ़ावा मिले।

लैम्पस गोदामों का महत्व 🌱

झारखंड में लैम्पस (Large Area Multipurpose Societies) गोदाम छोटे और सीमांत किसानों के लिए फसल भंडारण की एक मुख्य सुविधा प्रदान करते हैं। ये गोदाम फसलों को कीट, मौसम और नमी से सुरक्षित रखते हैं, जिससे उपज की गुणवत्ता बरकरार रहती है। इससे किसान उचित मूल्य प्राप्त करने में सक्षम होते हैं और बिचौलियों के शोषण से बचे रहते हैं। यह पहल जिले में भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहायता करेगी।

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

Your Opinion on this News...

You may also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More