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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अंगदान पर जोर
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केरल की 10 माह की बच्ची आलिन शेरिन के अंगदान का जिक्र करते हुए उनके परिवार के साहस और जागरूकता की प्रशंसा की। उन्होंने झारखंड में अंगदान के लिए कानून बनाने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने इस खबर को पढ़ा, तो वह भावुक हो गए, लेकिन हिम्मत जुटाकर पूरी जानकारी को पढ़ा। आलिन के माता-पिता ने जिस साहस के साथ अपने बच्चे के अंगों को देश को समर्पित किया, वह एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि इस बच्ची के अंग सभी धर्मों के लोगों के काम आएंगे, जो एकता की मिसाल है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में अंगदान के प्रति जागरूकता की कमी है, इसीलिए कानून बनाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री का विपक्ष पर तंज
बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि विपक्ष के सदस्यों की अनुपस्थिति ने सदन की स्थिति को दर्शाया। इस अवसर पर, विपक्ष के केवल चार विधायक ही मौजूद थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष की वर्तमान स्थिति का मतलब यह है कि वे सरकार के कार्यों से संतुष्ट हैं। राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत की गई बातें जनता के सामने स्पष्ट हैं, और वे धरातल पर दिखाई दे रही हैं। इस पर विपक्ष की घबराहट को लेकर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की।
धनबाद में हिंसा का मामला
धनबाद में बच्चा चोरी की अफवाह के कारण भीड़ द्वारा एक युवक की पिटाई की गई, जो एक गंभीर घटना है। इस घटना ने समाज में व्याप्त भय और अज्ञानता को उजागर किया है। मुख्यमंत्री ने समस्या के प्रति गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विकास की नई दिशा में झारखंड
मुख्यमंत्री ने विकास की दिशा में बदलाव की बात करते हुए कहा कि अब झारखंड में जो कार्य किए जा रहे हैं, वे अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन रहे हैं। उन्होंने विपक्ष को एक कहावत का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि बबूल का पेड़ लगाया गया है, तो आम नहीं फल सकता। उन्होंने विकास के संदर्भ में सामाजिक सुरक्षा, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया और कहा कि हालात को बदलना विपक्ष के बस की बात नहीं है।
सरकार का ग्रामीण विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास को प्राथमिकता देने की बात पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास ग्रामीण स्तर पर होना चाहिए और सरकार की योजनाएं इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही किसानों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि धान की खरीद को लेकर विपक्ष को जवाब देना चाहिए।
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