प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस्लाम कबूलने की दावत तबलीगी जमात के एक मौलाना ने दी है। मौलाना तौकीर अहमद का कहना है कि यदि ये दोनों मुस्लिम बन गए तो बहुत कुछ सुधर जाएगा। एक इंटरव्यू में मौलाना ने धर्मांतरण के लिए इस्लामी मुल्कों से पैसा आने की बात कबूली है। साथ ही अफगानिस्तान की तरह भारत में भी एक दिन शरिया राज स्थापित होने की बात कही है।
मौलाना तौकीर अहमद ने टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में उपरोक्त बातें कही है। 4 जुलाई 2023 को उसका 8 मिनट लंबा यह इंटरव्यू प्रकाशित हुआ है। इसमें मौलाना तौकरी ने बताया है कि उसका मुख्य मकसद योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी को इस्लाम कबूल करवाना है।
इन दोनों को हिंदुओं की मुख्य शख्सियत बताते हुए कहा कि ये दोनों अगर कन्वर्ट हो गए तो बहुत कुछ सुधर जाएगा। मौलाना तौकीर ने कहा, “मैं तो योगी जी को भी यही समझाना चाहूँगा कि एक बार बैठें और समझें कि दीन और इस्लाम क्या है। इंशाअल्लाह वो जरूर ईमान लाएँगे।” नीचे वीडियो में 4 मिनट 57 सेकेंड के बाद आप ये बात सुन सकते हैं
मौलाना तौकीर ने इस दौरान इस्लामी धर्मांतरण, समान नागरिक संहिता (UCC), विदेशी फंडिंग सहित कई अन्य मसलों पर भी बात की। बताया कि देश में हो रहे इस्लामी धर्मांतरण के 99% मामलों के लिए अकेला तबलीगी जमात जिम्मेदार है। जमात के दाई लोगों का जिक्र करते हुए उसने कहा कि ये वो लोग हैं जो गैर मुस्लिमों को दीन इस्लाम की दावत देते हैं। उसने कहा कि दावत देने के दौरान गैर मुस्लिमों को कुरान की आयतें, हदीसों और गुजरे समय में नबियों द्वारा लोगों को समझाई गई चीजों के बारे में बताया जाता है।
उसने बताया कि दाई का मुख्य काम युवाओं को अपनी तरफ खींचना है। वे लोगों को बताते हैं कि पहले जिन लोगों ने नबियों की बातें नहीं मानी उनको सजा भुगतनी पड़ी थी। तौकीर ने खुद को भी दाई बताते हुए कहा कि वो अभी भी लोगों को इस्लाम कबूलने की दावत दे रहे हैं। अपनी मजहबी किताब का हवाला देते हुए मौलाना तौकीर ने कहा कि दुनिया के पहले इंसान आदम और उनकी जात से खुदा ने सिर्फ खुद को पूजने और बुतपरस्ती (मूर्ति न पूजने) का वादा लिया था। मूर्ति पूजने वालों को भटका हुआ बताते हुए मौलाना ने कहा कि उन्हें अल्लाह की इबादत की तरफ लाने की जरूरत है।
तौकीर ने दावा किया कि साल 2014 से अब तक देश भर में लगभग 20 लाख गैर मुस्लिम इस्लाम कबूल कर चुके हैं। उसने कहा कि तबलीगी जमात के सदस्य अधिक से अधिक लोगों को इस्लाम कबूल करवाने का प्रयास करते हैं। बकौल तौकीर UCC से मुस्लिमों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि वो अपने मुख्य टारगेट शरिया कानून को लागू करने के प्रयास में लगे हुए हैं। मौलाना ने कहा, “इंशाअल्लाह शरिया कानून आएगा। आप अफगानिस्तान में देख लीजिए वहाँ शरिया कानून लागू हुआ। अमेरिका था वहाँ। सबको भगा दिया।”
धर्मांतरण को जरूरी बताते हुए हुए मौलाना ने कहा कि सबको अल्लाह के एक रास्ते पर लाना है। धर्मांतरण नेटवर्क को ऑपरेट करने वाले मुख्य व्यक्ति के तौर पर उसने मौलाना साद, उनके बेटे और हाल ही में जेल से छूटकर आए कलीम सिद्दीकी का नाम लिया। उसने बताया कि इस्लामी धर्मांतरण का नेटवर्क पूरे देश में सक्रिय है। इसके लिए पैसे अरब देशों और अफगानिस्तान से आते हैं। तौकीर के मुताबिक विदेश से मिले इन पैसों से हिन्दुओं को लुभाया जाता है जो घर से किसी कारण से बेघर कर दिए जाते हैं। मौलाना तौकीर अहमद ने क़ुरान का हवाला देते हुए कहा कि 72 हूरों को अल्लाह ने इंसानों को बुराइयों से दूर रखने के लिए बनाया है।
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