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ओड़िया म्यूजिक की दिग्गज गायिका गीता पटनायक का निधन
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में बुरी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नए साल की शुरुआत हुए दो महीने ही हुए हैं, लेकिन कई दुखद घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में ओड़िया म्यूजिक इंडस्ट्री से एक और दुखद ख़बर आई है। प्रख्यात गायिका गीता पटनायक का रविवार शाम निधन हो गया।
अस्वस्थता और अंतिम समय
73 वर्षीय गीता पटनायक की तबीयत 12 फ़रवरी को एक शो के दौरान खराब हुई थी। उनके साथ एक ब्रेन स्ट्रोक का मामला सामने आया, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण वे वेंटिलेटर पर रहीं। हालांकि डॉक्टरों की सभी कोशिशों के बावजूद, रविवार शाम करीब 6:18 बजे उनका निधन हो गया।
अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलियां
गीता का अंतिम संस्कार सोमवार को कटक में किया गया। उनके बहनोई प्रदोष पटनायक ने उनके निधन की पुष्टि की। जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया था। उनके निधन पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने भी शोक व्यक्त किया।
गीता पटनायक की संगीतिक यात्रा
गीता पटनायक का करियर पांच दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने कई कलाकारों और संगीतकारों के साथ काम किया। उन्हें विशेष रूप से ओडिया गायक अक्षय मोहंती के साथ गाए गए गीतों के लिए जाना जाता है। उनकी आवाज में एक अद्भुत सादगी थी, जिसने उन्हें ओडिशा में प्रसिद्ध बना दिया। ओडिया फिल्म ‘जाजाबार’ का ‘फुर किना उदिगला बानी’ जैसे कई लोकप्रिय गीत भी उनकी आवाज में सुनाई देते हैं।
सम्मान और योगदान
अपने संगीत के प्रति गीता का समर्पण उन्हें कई राज्य स्तरीय पुरस्कारों का हकदार बनाता है। उन्होंने केवल फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि गैर-फिल्मी गानों और भजनों के लिए भी अपनी मधुर आवाज दी। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
अब गीता पटनायक एक ऐसी दुनिया में जा चुकी हैं, जहां से किसी का लौटना संभव नहीं। लेकिन ओड़िया फिल्म और संगीत की दुनिया में उनके योगदान को सदा याद किया जाएगा।
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