बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, न नेता न सहयोगी करते हैं विश्वास

by Ananya Singh
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कांग्रेस पार्टी में उठापटक, बीजेपी ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के लिए सोमवार का दिन कई समस्याओं से भरा रहा। प्रमुख नेता मणिशंकर अय्यर ने पार्टी हाई कमान के खिलाफ आवाज उठाई, जबकि असम के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बोरा ने अपने इस्तीफे में पार्टी नेतृत्व पर उन्हें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है, उन्हें एक ‘असफल वंशज’ करार देते हुए यह कहा गया कि न तो पार्टी के नेता और न ही सहयोगी उन पर विश्वास करते हैं।

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस पार्टी में चल रही उथल-पुथल पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस चाहती है कि राहुल को हटाकर ममता को लाया जाए। असम के कांग्रेस नेता भूपेन बोरा का इस्तीफा भी इस स्थिति को दर्शाता है। मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि कांग्रेस केरल में हार रही है।” उनका यह बयान यह सिद्ध करता है कि न केवल गांधी परिवार के नेता बल्कि पार्टी के अन्य सदस्य भी राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेते हैं।

आवाजें उठ रही हैं कांग्रेस के भीतर

भूपेन बोरा ने अपने इस्तीफे को वापस ले लिया, वहीं कांग्रेस पार्टी ने मणिशंकर अय्यर के बयान को लेकर यह स्पष्ट किया कि वह अब पार्टी में नहीं हैं और उनके बयान को पार्टी से नहीं जोड़ा जा सकता। अय्यर ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने पद पर बने रहेंगे। कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया में अय्यर का नाम लेते हुए कहा गया कि केवल मल्लिकार्जुन खरगे उन्हें पार्टी से निकाल सकते हैं।

भाजपा का आक्रामक रुख

कांग्रेस पार्टी की इस स्थिति का फायदा उठाते हुए भाजपा ने हमले का कोई भी अवसर नहीं छोड़ा। प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मणिशंकर अय्यर ने उन्हें सार्वजनिक रूप से नकारा।” उन्होंने कहा कि अय्यर और अन्य नेता खुलकर राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

कांग्रेस के पूर्व सांसद मणिशंकर अय्यर के बयान ने पार्टी में हलचल मचा दी, जिसमें उन्होंने पवन खेड़ा और शशि थरूर जैसे नेताओं पर निशाना साधा। इस संदर्भ में कांग्रेस पार्टी की मजबूत प्रतिक्रिया आई, जिसमें अय्यर की पार्टी से दूरी का उल्लेख किया गया। अय्यर ने कहा था कि राजनीति में उनकी स्थिति स्पष्ट है, वह नेहरू और राजीव से जुड़े हैं, लेकिन राहुल गांधी से नहीं।

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