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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
बोकारो में बच्चा चोरी की अफवाह बनी बड़ी समस्या 🚨
बोकारो (झारखंड) | हाल ही में झारखंड के बोकारो जिले में ‘बच्चा चोरी’ की झूठी खबर ने एक तात्कालिक हिंसा का रूप ले लिया। गांधीनगर थाना क्षेत्र के बेरमो स्टेशन के निकट, स्थानीय निवासियों ने उत्तर प्रदेश की छह महिलाओं को बच्चा चोर समझकर घेर लिया। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, जिससे स्थिति बिगड़ने लगी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर महिलाओं को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला और थाने ले गई।
घटना के विवरण📍
जानकारी के अनुसार, बेरमो स्टेशन के पास दामोदर नदी पर बने चलकरी पुल के नजदीक स्थानीय लोगों ने इन महिलाओं को संदिग्ध स्थिति में देखा। पूछताछ के दौरान उनके जवाबों में विरोधाभास पाया गया, जिससे भीड़ और अधिक उग्र हो गई। भीड़ की हिंसा से बचने के लिए कुछ जागरूक व्यक्तियों ने गांधीनगर थाना प्रभारी धनंजय कुमार सिंह को सूचना दी। थाना प्रभारी ने तुरंत एक टीम के साथ जाकर सभी महिलाओं को बचाया।
पूछताछ के दौरान संदेह 🤔
थाने में बेरमो के बीडीओ मुकेश कुमार की मौजूदगी में गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में निम्न बातें सामने आईं, जो कि पुलिस के लिए जांच के पैरामीटर बन गईं:
- मूल निवासी: महिलाओं ने खुद को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की निवासी बताया।
- आने का कारण: उनका कहना है कि वे इलाज के लिए आई थीं और डॉक्टर की जानकारी सोशल मीडिया पर देखी थी।
- पहचान का अभाव: जब उनसे डॉक्टर का नाम पूछा गया, तो वे स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं।
प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया 🏢
बीडीओ मुकेश कुमार ने कहा, “मैं मतदान केंद्र के निरीक्षण पर था, तभी मुझे सूचना मिली कि महिला को भीड़ ने घेरे में ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने पुलिस को तुरंत सूचित किया। यह पूरी स्थिति संदिग्ध लगती है और इसकी गहन जांच की जा रही है।”
गांधीनगर थाना प्रभारी धनंजय कुमार सिंह ने बताया, “महिलाओं से पूछताछ का सिलसिला लगातार जारी है, और उनके पास मौजूद मोबाइल फोन एवं बैग की सामग्री की भी जांच की जा रही है। जांच के नतीजों के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
जनता से प्रशासन की अपील ⚖️
बोकारो उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने जिले में सख्त निर्देश जारी किए हैं कि ‘बच्चा चोरी‘ की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:
- अफवाहों पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया को लेकर सतर्क रहें।
- किसी संदिग्ध व्यवहार को नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।
इस घटना ने साबित कर दिया है कि गलत जानकारी कितना खतरेनाक हो सकती है, और इसे रोकने के लिए सभी को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
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