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भारत में पहला कमर्शियल चिप प्रोडक्शन शुरू होने की संभावनाएं
नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि भारत अब अपने पहले कमर्शियल स्तर के चिप निर्माण के करीब पहुँच चुका है। यह संकेत देता है कि देश जल्द ही बड़े पैमाने पर चिप का उत्पादन शुरू कर सकता है।
खबरों के अनुसार, कृष्णन ने बताया कि इस महीने के अंत तक मंजूर किए गए 10 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में से पहले प्रोजेक्ट का उद्घाटन होना संभव है। माइक्रोन भारत में अपनी फैक्ट्री में उत्पादन शुरू करने की योजना बना रहा है, जो भारत में सेमीकंडक्टर का पहला कमर्शियल उत्पादन होगा।
माइक्रोन टेक्नोलॉजी के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स
India Semiconductor Mission के तहत जिन प्रोजेक्ट्स को समर्थन मिला है, उनमें प्रमुख अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी शामिल है। यह कंपनी हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) का निर्माण करेगी, जो वर्तमान में उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम्स के लिए महत्वपूर्ण है।
कृष्णन के अनुसार, माइक्रोन आगे भी एचबीएम प्रोडक्शन पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो AI के लिए जरूरी साबित हो रहा है। पिछले समय में, AI इन्फ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे भारत में घरेलू उत्पादन की संभावनाएं सामने आ रही हैं। इससे देश की आयात निर्भरता कम होगी और तकनीकी आत्मनिर्भरता में वृद्धि होगी।
सेमीकंडक्टर मिशन की सजीवता
सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की, जिससे स्पष्ट होता है कि चिप निर्माण को आगे भी पूरा समर्थन मिलेगा। इस नए चरण का एक प्रमुख लक्ष्य AI से संबंधित विशेष चिप्स का डिज़ाइन करना है। एस. कृष्णन ने कहा कि यह किसी तात्कालिक योजना नहीं है, बल्कि भारत को अपना ‘स्वदेशी AI सिस्टम’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दिलचस्प बात यह है कि भारत AI इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में एक अलग रणनीति अपनाने की योजना बना रहा है। सरकार बड़े डेटा सेंटर बनाने पर अधिक खर्च करने के बजाय लोगों और कंपनियों को सस्ती दरों पर AI कंप्यूटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। कृष्णन ने स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास आसान और किफायती AI कंप्यूटिंग तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
स्पेसिफिकेशन्स
- प्रमुख कंपनी: माइक्रोन टेक्नोलॉजी
- प्रोडक्ट प्रकार: हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM)
- उत्पादन स्तर: कमर्शियल
- प्लान्ड प्रोजेक्ट्स: 10
मुख्य विशेषताएँ
- उच्च बैंडविड्थ मेमोरी का उत्पादन
- AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग
- आयात पर निर्भरता कम करने की योजना
उपलब्धता और कीमत
हालांकि अभी तक कीमतों और उपलब्धता का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन पहले प्रोजेक्ट के अंतर्गत उत्पादन शुरू होने के बाद जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।
तुलना
- माइक्रोन बनाम अन्य सेमीकंडक्टर कंपनियां
- हाई-बैंडविड्थ मेमोरी में प्रतिस्पर्धा
- भारत में अलग-अलग चिप निर्माण परियोजनाओं की प्रगति
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