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झारखंड: गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या का चौंकाने वाला मामला
डेस्क: देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में जिम से लौटते समय गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या की योजना उसके छोटे भाई अरविंद शर्मा ने एक करोड़ रुपए में बनाई। तीन महीने पहले जमशेदपुर के डिमना स्थित आशियाना इनक्लेव में प्रभात उर्फ बकरी के घर पर इस हत्या की साजिश रची गई थी, जिसका स्थान विक्रम शर्मा के घर से महज 10 मीटर दूर है। इसी बैठक में अरविंद की मुलाकात चार शूटरों से हुई थी। सौदा तय होने के बाद, अरविंद ने शूटरों को 10 लाख रुपए एडवांस दिए।
जमशेदपुर के मानगो से जुड़ी साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हत्या की साजिश झारखंड के जमशेदपुर के मानगो इलाके की है। जुलाई 2025 में पूरी योजना तैयार की गई थी। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय इनपुट और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच से जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। विक्रम शर्मा को खतम करने की योजना रातों-रात नहीं बनी थी, बल्कि इसकी नींव पहले ही रखी जा चुकी थी। विक्रम का छोटा भाई अरविंद जुलाई में मानगो पहुंचा था और अपनी पुराने साथी प्रभात से म मिला था।
भाई-भाई के रिश्ते पर जमीनी विवाद का असर
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम शर्मा का हत्या का मुख्य कारण बिष्टुपुर और देहरादून में स्थित करोड़ों की संपत्ति है। 1998 में जमशेदपुर में ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या के बाद, विक्रम ने उसकी विधवा से अपने छोटे भाई अरविंद की शादी करा दी थी, ताकि अशोक की संपत्ति पर कब्ज़ा कर सकें। पिंकी से शादी के बाद, हालांकि अरविंद को दौलत मिली, असली नियंत्रण विक्रम के हाथ में रहा।
पेशेवर शूटरों का प्रयोग
हत्या को अंजाम देने के लिए पेशेवर शूटरों का सहारा लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्यारे झारखंड से उड़ान भरकर उत्तराखंड पहुंचे थे। यह एक “कॉन्ट्रैक्ट किलिंग” थी, जिसे बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया। हत्यारों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपनी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया। आकाश कुमार प्रसाद नाम के एक शूटर ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सामने दो वाहन किराए पर लिए थे।
हमले की योजना बनाई गई थी
हत्यारे पहले से ही विक्रम शर्मा की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे। उन्हें पता था कि विक्रम कब जिम जाता है। घटना के दिन, सुबह करीब 10:10 बजे जब विक्रम जिम से बाहर निकले, शूटरों ने उसे पीछे से गोली मार दी। कुल तीन गोलियां चलाई गईं, जिनमें से दो सिर में लगीं और विक्रम की मौके पर ही मौत हो गई। हत्यारे मौके से भाग निकलने में सफल रहे।
पुलिस ने शूटरों की पहचान की
CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने हमलावरों को पहचान लिया है। इनमें से तीन कुख्यात अपराधी हैं, जो गैंगस्टर गणेश सिंह गिरोह से जुड़े हुए हैं। आकाश कुमार प्रसाद, आशुतोष कुमार सिंह और विशाल सिंह का आपराधिक इतिहास है। इन तीनों पर पहले भी कई गंभीर मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं।
उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई
उत्तराखंड पुलिस ने झारखंड पुलिस से संपर्क किया है और एक टीम ने वहां दबिश दी है। पुलिस एयर ट्रेवल रिकॉर्ड्स और हरिद्वार में बाइक किराए पर लेने वाली दुकान के आसपास की CCTV फुटेज की जांच कर रही है। विक्रम की पत्नी सोनिया शर्मा के बयान और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर अरविंद शर्मा की तलाश की जा रही है, जिसमें आशंका है कि वह नेपाल या किसी दूसरे राज्य में अंडरग्राउंड हो गया है।
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