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कासरगोड: केरल के कासरगोड जिले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर चिन्नू पप्पू की आत्महत्या की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। 24 वर्षीय इन्फ्लुएंसर का शव उनके किराए के मकान में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी है। यह दुखद घटना सोमवार को घटित हुई, जिसने उनके लाखों फॉलोअर्स को गहरा सदमा पहुँचाया है।
फंदे से लटका मिला इन्फ्लुएंसर का शव
चिन्नू पप्पू का असली नाम रेशमा था। वे कासरगोड जिले के अडूर गांव (देलम्पाडी पंचायत) की निवासी थीं। एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली रेशमा ने सोशल मीडिया पर अपनी सादगी और वास्तविक कंटेंट के लिए ख्याति अर्जित की। उनके इंस्टाग्राम पर दो लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। वे मुख्यतः तुलु भाषा में वीडियो बनाती थीं, जिसमें उन्होंने गांव की जिंदगी, स्थानीय व्यंजनों, अनदेखी जगहों और रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजों को प्रदर्शित किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
उनकी पोस्ट्स अक्सर हफ्ते में एक या दो बार आती थीं, लेकिन वे दर्शकों द्वारा काफी पसंद की जाती थीं। फैंस उनकी सहजता और गांव की संस्कृति को जीवंत तरीके से दिखाने के लिए उन्हें फॉलो करते थे। यह घटना कासरगोड शहर के पास उलियाथडक्का इलाके स्थित उनके किराए के फ्लैट में हुई। पड़ोसियों ने उन्हें फंदे पर लटका हुआ देखा और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
शादी टूटने के महज एक महीने बाद हुई यह घटना
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे आत्महत्या समझा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रेशमा हाल ही में तलाकशुदा थीं और उनकी शादी टूटने के केवल एक महीने बाद यह घटना हुई। वे चार वर्षीय बच्चे की मां थीं, जिन्हें उन्होंने छोड़ दिया है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे अकेली रहती थीं और कुछ समय से मानसिक तनाव में थीं। हालांकि उनकी मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस उनके मोबाइल, सोशल मीडिया खातों और आस-पास के लोगों से पूछताछ कर रही है। इस बीच, कोई सुसाइड नोट मिलने की सूचना नहीं है। चिन्नू पप्पू की मौत ने युवा क्रिएटर्स के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया पर बहस शुरू कर दी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही अधिक जानकारी सामने आएगी।
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