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चेन्नई: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 का आगाज हो गया है। दूसरे दिन न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच एक रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसमें कीवी टीम ने 5 विकेट से शानदार जीत हासिल की।
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में इस मैच के आयोजन से पहले, पुलिस ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। इस मैच के दौरान दर्शकों को सीटी लाने की अनुमति नहीं दी गई। आम तौर पर चेन्नई के क्रिकेट मैचों में सीटी का उपयोग एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, लेकिन आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों और राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया है।
चेन्नई पुलिस का बयान
चेन्नई पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा के दृष्टिकोण से लिया गया है। विधानसभा चुनावों के निकट होने के कारण, किसी भी संवेदनशील वस्तु को स्टेडियम में ले जाने से मना किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस चुनावी माहौल में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है।
दुकानदारों के लिए दिशा-निर्देश
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने स्टेडियम के आसपास की दुकानों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे मैच के दिन सीटी न बेचें। इस पर फैसले ने और अधिक चर्चा को जन्म दिया क्योंकि आमतौर पर मैच के दिन ये चीजें फैंस के लिए आसानी से उपलब्ध होती हैं।
स्टेडियम प्रबंधन का स्पष्टीकरण
तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उनका नहीं है। टीएनसीए के अनुसार, सीटी पर रोक केवल पुलिस का निर्णय है। चेपॉक स्टेडियम प्रबंधन ने बताया कि इस प्रतिबंध का आईसीसी या बीसीसीआई से कोई संबंध नहीं है। क्रिकेट संचालन से जुड़े संस्थानों ने इस विवाद से खुद को अलग रखा है।
चुनाव आयोग का कोई आधिकारिक बयान नहीं
हाल ही में सिटी अभिनेता विजय थलपति द्वारा गठित तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) का आधिकारिक चुनाव चिन्ह सीटी बना है। चुनाव आयोग ने इस पार्टी को सीटी का प्रतीक आवंटित किया है। ऐसे में चुनाव के निकट होने के कारण खेल आयोजन में इस वस्तु को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि, इस विषय पर पुलिस या चुनाव आयोग का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
प्रशंसकों की प्रतिक्रिया और सांस्कृतिक प्रभाव
चेन्नई के क्रिकेट प्रेमियों के लिए सीटी केवल एक ध्वनि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। आईपीएल के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स का नारा ‘व्हिसल पोडू’ स्टेडियम में गूंजता रहता है। इस प्रतिबंध से कई प्रशंसक हैरान हैं और सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या राजनीति ने खेल के माहौल को प्रभावित किया है।
विस्तृत नीति की अनुपस्थिति
वर्तमान में, यह रोक केवल चेपॉक में इस एक टी20 विश्व कप मैच तक सीमित बताई जा रही है। अन्य स्टेडियमों या मुकाबलों के लिए कोई व्यापक नीति घोषित नहीं हुई है। फिर भी, यह घटना दर्शाती है कि चुनावी संवेदनशीलता किस प्रकार बड़े खेल आयोजनों को प्रभावित कर सकती है और ऐसे निर्णयों पर आगे बढ़ने वाली निगरानी जरूरी है।
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