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जितू पटवारी का बड़ा बयान: अमेरिका से हुई ट्रेड डील किसान विरोधी
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को किसानों के लिए हानिकारक बताया है। पटवारी का कहना है कि यह डील भारतीय किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। वर्तमान में किसान सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहे हैं।
केंद्र सरकार पर हमला
पटवारी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर सख्त शब्दों में प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब ट्रेड डील का एलान किया, तो उन्होंने माला पहनी, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि भविष्य में कुछ सकारात्मक होने वाला है। लेकिन असलियत यह है कि किसान सबसे ज्यादा ठगा गया है। कृषि से जुड़ी सामग्री और ड्राईफ्रूट्स पर जीरो प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जबकि भारत से कृषि उत्पादन का निर्यात करने पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा।
प्रवक्ताओं की पदमुक्ति पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस के अन्य प्रवक्ताओं को पदमुक्त किए जाने के विषय में उन्होंने कहा कि जल्द ही मीडिया की एक नई टीम बनाई जाएगी। जो व्यक्ति इस टीम का हिस्सा नहीं बनेगा, उन्हें अन्य दायित्व सौंपे जाएंगे। पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस के पास बहुत कार्य है और हर व्यक्ति को कार्य दिया जाएगा।
AICC के निर्देशों का पालन
जीतू पटवारी ने जिलों की कार्यकारिणी के आकार को लेकर AICC के निर्देशों का पालन करने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पहले ही यह तय किया गया था कि जिलों की टीम छोटी होगी, और अब इस पर अमल किया जाएगा। छिंदवाड़ा में पहले से ही गठित जंबो टीम का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह निर्णय पहले से लिया गया था।
कृषि उत्पादों पर चिंता जताई गई
पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के चलते किसानों के हितों से समझौता हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी की गई तो देशभर में विरोध प्रदर्शन होगा।
किसानों के अधिकारों की रक्षा की मांग
सचिन यादव ने दावा किया कि इस डील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रखा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस डील में किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी और किसान मिलकर इसका विरोध करेंगे।
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