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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
झारखंड के 14 मजदूर इस समय दुबई में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। ये सभी मजदूर बोकारो, गिरिडीह और हजारीबाग के निवासी हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो बनाकर अपनी स्थिति को गिरिडीह के समाजसेवी सिकंदर अली को भेजा है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है कि वे उन्हें वापस भारत लाए।
ईएमसी कंपनी में काम के लिए दुबई गए मजदूर
इन मजदूरों को अक्टूबर 2025 में ईएमसी कंपनी के तहत ट्रांसमिशन लाइन का काम करने के लिए दुबई भेजा गया था। मजदूरों का कहना है कि उन्हें वहां बहुत कम पारिश्रमिक दिया जा रहा है और उनके ऊपर अत्यधिक काम का बोझ है। इसके चलते, उन्हें भोजन के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसी कठिनाइयों के कारण वे घर लौटना चाहते हैं। लेकिन कंपनी के अधिकारी उन्हें वापस लौटने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, और उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है।
दुबई में फंसे कामकाजी मजदूरों की सूची
इस संकट में शामिल 14 मजदूरों में रोशन कुमार और अजय कुमार (गिरिडीह का चिचाकी गांव), राजेश महतो (बगोदर का तिरला), अजय कुमार (मंडरो, डूमरडेली), डालेश्वर महतो (बोकारो का कंजकीरो), जागेश्वर और फालेंद्र महतो (हजारीबाग का खेदाडीह), बैजनाथ महतो (सिरैया), दिलीप महतो (पारजोरिया), गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो, दीपक कुमार (चकचुको बसरिया), रोहित महतो और सेवा महतो (गोरहर) शामिल हैं।
हादसे में मृत श्रमिक का शव अभी तक नहीं लाया जा सका
एक महत्वपूर्ण घटना में, 23 अक्टूबर 2025 को डुमरी थाना क्षेत्र के मधगोपाली पंचायत के दूधपनिया गांव के श्रमिक विजय कुमार महतो की सऊदी अरब में मृत्यु हो गई थी। लेकिन अभी तक उनके शव को भारत नहीं लाया जा सका है, जिससे उनके परिवार में निरंतर चिंता बनी हुई है।
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