मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज सलमान खान को एक महत्वपूर्ण मानहानि केस में न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। मुंबई की सिविल कोर्ट ने फिल्म निर्माता अभिनव कश्यप पर सलमान खान और उनके परिवार के बारे में अपमानजनक या नकारात्मक टिप्पणियां करने से अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया, जब जज पी. जी. भोसले ने अभिनव कश्यप और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ अंतरिम एक्स-पार्टे इंजंक्शन जारी किया।
सलमान खान को मिली अदालत से राहत
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी के प्रति गालियाँ, धमकियाँ या अपमानजनक भाषा का उपयोग करे। हर व्यक्ति की प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत जीवन का सम्मान होना आवश्यक है। किसी भी परिवार के सदस्यों को ‘अपराधी’ जैसे शब्दों से सम्बोधित नहीं किया जा सकता। यह मामला तब शुरू हुआ जब अभिनव कश्यप ने सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच कई इंटरव्यू और पॉडकास्ट में सलमान खान के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे।
अभिनव कश्यप पर असामाजिक टिप्पणियों की रोक
उन्होंने सलमान और उनके परिवार को ‘कन्विक्टेड क्रिमिनल्स’ तथा ‘जिहादी इकोसिस्टम’ जैसे कठोर शब्दों से संबोधित किया। इसके अलावा, उन्होंने सलमान की उम्र, लुक्स, और उनके परिवार के सदस्यों जैसे सलीम खान, अरबाज खान और सोहेल खान पर भी विवादास्पद टिप्पणियाँ कीं। इनमें से कुछ बयानों में सलमान की तुलना कुख्यात अपराधियों से भी की गई।
सलमान खान ने इन ‘झूठे, घिनौने और मानहानिकारक’ बयानों के खिलाफ सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। वकील प्रदीप गांधी द्वारा दाखिल किए गए इस सूट में सलमान ने स्थायी रोक, 9 करोड़ रुपये का हर्जाना और बिना शर्त माफी की मांग की है। इस मुकदमे में अभिनव कश्यप के अलावा खुशबू हजारे, कोमल मेहरा और कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को भी आरोपी बनाया गया है। सलमान की टीम ने सभी विवादित कंटेंट को तुरंत हटाने, भविष्य में ऐसी कोई टिप्पणी न करने और सार्वजनिक माफी की मांग की है। कोर्ट ने इस अंतरिम आदेश के साथ इस मामले पर आगे की सुनवाई तय की है।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!