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भारत-पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप का सियासी तनाव
नई दिल्ली: आगामी टी20 वर्ल्ड कप को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच सियासी तनाव एक बार फिर क्रिकेट पर असर डालता दिख रहा है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रashiद लतीफ ने एक इंटरव्यू में कहा कि पूरे टूर्नामेंट का बॉयकॉट अब प्रभावी नहीं रहेगा। उनके अनुसार, सही समय पहले ही जा चुका है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर सकता है।
सरकार के हाथ में अंतिम फैसला
लतीफ ने बताया कि इस प्रकार का बड़ा निर्णय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के स्तर पर नहीं लिया जा सकता। उनका कहना है कि भारत के खिलाफ न खेलने का कदम सीधे तौर पर सरकार से संबंधित है। यदि सरकार ऐसा निर्देश देती है, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को इसे मानना पड़ेगा।
फाइनल में मुकाबला होने पर क्या होगा?
जब उनसे पूछा गया कि यदि टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान आमने सामने होते हैं, तो इस पर लतीफ ने स्पष्ट उत्तर दिया। उनका मानना है कि ऐसी स्थिति में भी पाकिस्तान मैच नहीं खेलेगा। इस बयान ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है।
बांग्लादेश प्रकरण के कारण विवाद
लतीफ ने बताया कि असली पल तब था जब बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किया गया। उनके अनुसार, उस समय पाकिस्तान को सख्त रुख अपनाना चाहिए था। आईसीसी की बैठक में पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में वोट दिया, लेकिन अंतिम निर्णय के साथ चलने का रास्ता चुना। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया, जिसको लेकर आईसीसी ने लॉजिस्टिक्स और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े कारण बताए। लतीफ का कहना है कि अब वह अध्याय समाप्त हो चुका है। यदि अब बॉयकॉट किया गया, तो इसका प्रभाव सीमित रहेगा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का सख्त रुख
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने हाल ही में संकेत दिया था कि बोर्ड सैद्धांतिक रूप से सख्त रुख अपना सकता है। हालांकि, अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। वर्तमान योजना के अनुसार, टी20 वर्ल्ड कप हाइब्रिड मॉडल के तहत खेला जाएगा, जिसमें भारत से जुड़े मैच न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे। यह व्यवस्था 2027 तक लागू रहेगी।
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