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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
खूँटी में सोमा मुंडा की हत्या का मामला सुलझा
झारखंड के खूँटी जिले में आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के मामले में अब महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस की जांच से पता चला है कि यह हत्या किसी तात्कालिक विवाद के चलते नहीं हुई, बल्कि यह लंबे समय से चल रहे **सीएनटी/गैरमजरुआ** भूमि विवाद और जमीन कारोबारियों की सुनियोजित साजिश का परिणाम थी।
घटना का मुख्य विवरण
खूँटी जिले के एसपी प्रवीण टोप्पो ने बताया कि हत्या की योजना पहले से ही बनाई गई थी। इसमें **हथियार**, **मोटरसाइकिल**, और **भाड़े के शूटर** शामिल थे। हाल ही में पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस से पहले 7 अन्य आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
भूमि विवाद का इतिहास
जांच के दौरान पता चला है कि विवाद मुख्य रूप से **जियारप्पा गांव** की लगभग 3.16 एकड़ भूमि को लेकर था। इस भूमि पर **पड़हा समिति** द्वारा **जात्रा** (पड़हा जात्रा मेला) आयोजित किया जाता रहा है। कुछ जमीन दलालों और कारोबारियों ने इसे बेचने की कोशिश की, जिसका सोमा मुंडा और अन्य ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। नवंबर में भूमि को समतल करने का प्रयास किया गया, जिसे सोमा मुंडा ने रोक दिया था। इसी कारण से उन्हें हटाने की साजिश की गई।
हत्या की घटना का विवरण
7 जनवरी 2026 की शाम को, सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ बाइक से लौट रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश पैदा किया, जिसके परिणामस्वरूप कई प्रदर्शन और बंद भी हुए।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने **एसआईटी** का गठन किया और तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल्स और गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी शुरू की। जांच में किये गए प्रयासों से देसी पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, दो मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में 44 वर्षीय **दानियल सांगा**, 20 वर्षीय **सुमित दल सांड**, 20 वर्षीय **मार्कुस सांगा**, 25 वर्षीय **रोशन मिंज**, 35 वर्षीय **संदीप खलखो**, और 32 वर्षीय **संतोष दल सांड** शामिल हैं।
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