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नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज नजदीक है और भारतीय क्रिकेट टीम के सामने खिताब बरकरार रखने की चुनौती है। इस टूर्नामेंट के इतिहास में, कोई भी टीम लगातार दो बार खिताब नहीं जीत पाई है।
यह प्रतिष्ठित ICC टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की साझी मेज़बानी में आयोजित किया जाएगा। भारतीय टीम दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास बदलने की कोशिश करेगी। इस बीच, एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है।
महज एक अभ्यास मैच का अवसर
खबरों के अनुसार, भारत को टूर्नामेंट से पूर्व केवल एक अभ्यास मैच खेलने का मौका मिलेगा। यह मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हो सकता है, जो टीम को अपनी अंतिम रणनीतियों को परखने का अवसर देगा। व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के चलते, टीम के पास तैयारी के लिए सीमित समय रहेगा।
अभ्यास मैच की तारीख
सूत्रों के अनुसार, भारत और दक्षिण अफ्रीका के मध्य अभ्यास मैच 4 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में आयोजित किया जा सकता है। यह मुकाबला भारत के पहले मैच से तीन दिन पहले होगा, जिसे 7 फरवरी को वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। ऐसे में यह अभ्यास मैच परिस्थितियों को समझने का अंतिम अवसर हो सकता है।
आईसीसी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार
रिपोर्टों के मुताबिक, आईसीसी ने अभी तक अभ्यास मैचों का औपचारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया है। हालांकि, बीसीसीआई और क्रिकेट साउथ अफ्रीका के सूत्रों से पुष्टि हुई है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले पर चर्चा हो चुकी है। औपचारिक पुष्टि आईसीसी की घोषणा के बाद ही की जाएगी।
व्यस्त कार्यक्रम ने बढ़ाई चुनौती
इस समय, भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में व्यस्त है, जिसका अंतिम मैच 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में होगा। इस कारण से अभ्यास के लिए समय अत्यंत कम रहेगा।
बांग्लादेश विवाद का प्रभाव
अभ्यास मैचों की घोषणा में देरी का एक कारण बांग्लादेश का टूर्नामेंट से बाहर होना भी माना जा रहा है। बांग्लादेश की जगह अब स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है, जिसके कारण शेड्यूल में परिवर्तन की आवश्यकता पड़ी है। आईसीसी जल्दी ही अभ्यास मैचों की सूची जारी कर सकता है, लेकिन अंतिम समय में बदलाव की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।
ग्रुप और रणनीति पर ध्यान
भारत ग्रुप ए में पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, अमेरिका, और नामीबिया के साथ रखा गया है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ग्रुप डी में है। यह अभ्यास मैच भारत के लिए टीम संयोजन निर्धारित करने, खिलाड़ियों का कार्यभार संतुलित करने और भूमिकाओं को स्पष्ट करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा, क्योंकि टूर्नामेंट शुरू होने के बाद दूसरा मौका नहीं मिलेगा।
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