स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण परिवर्तन, ऐपल-सैमसंग की चिंता बढ़ी

by RahulRahul
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है, ऐपल सैमसंग की बढ़ी टेंशन

भारत में स्मार्टफोन सुरक्षा की नई पहल

भारत सरकार स्मार्टफोन सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, कंपनियों को अपने सोर्स कोड को साझा करने की आवश्यकता हो सकती है, जिससे सुरक्षा जांच प्रक्रियाओं को सुगम बनाया जा सके। यह कदम विश्व की प्रमुख टेक कंपनियों लेकिन खासकर Apple और Samsung के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। यह फैसला करोड़ों भारतीय यूजर्स की डेटा सुरक्षा से संबंधित है, इसलिए हर स्मार्टफोन उपयोगकर्ता के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत का स्मार्टफोन बाजार

भारत, वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है, जहां लगभग 75 करोड़ डिवाइस सक्रिय हैं। ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा ब्रीच के बढ़ते मामलों को देखते हुए, सरकार ने 83-पॉइंट सुरक्षा मानकों का एक खाका तैयार किया है। इसमें सबसे बड़ा संशोधन सोर्स कोड तक पहुंच के संबंध में है, जो स्मार्टफोन के संचालन के लिए आवश्यक प्रोग्रामिंग है और जिसे कंपनियां गोपनीय रखती हैं।

संभावित बदलाव

यदि ये नए नियम लागू होते हैं, तो यूजर्स को कई नए विकल्प मिल सकते हैं। उपयोगकर्ता प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स को अनइंस्टॉल कर सकेंगे और बैकग्राउंड में कैमरा या माइक्रोफोन के उपयोग को रोकने की सुविधा अनिवार्य होगी। इसके अलावा, हर बड़े अपडेट से पहले सरकार को जानकारी देने की आवश्यकता होगी, जिससे सुरक्षा जांच को सुनिश्चित किया जा सके।

ग्लोबल परिप्रेक्ष्य

सोर्स कोड साझा करने की मांग वैश्विक स्तर पर अद्वितीय है, क्योंकि अमेरिका और यूरोप में इस तरह का कोई नियम नहीं है। Apple ने पहले चीन की इसी तरह की मांग को अस्वीकार किया था। यह प्रश्न उठता है कि क्या भारत का यह कदम सुरक्षा को मजबूत करेगा या कंपनियों की गोपनीयता और नवाचार को खतरे में डालेगा।

उद्योग की प्रतिक्रिया

MAIT, जो भारत में टेक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, ने इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है। उनका तर्क है कि सोर्स कोड साझा करना न केवल व्यावहारिक नहीं है बल्कि सुरक्षित भी नहीं है। उद्योग जगत का मानना है कि इससे कंपनियों की प्राइवेसी और बौद्धिक संपदा पर गंभीर खतरे उत्पन्न होंगे।

सरकारी आश्वासन

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा है कि उद्योग की चिंताओं को ध्यान से सुना जाएगा और इस पर अंतिम निर्णय अब तक नहीं हुआ है। फिलहाल, यह प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन यदि यह लागू होता है, तो भारत वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन सुरक्षा नियमों के मामले में एक सख्त देश के रूप में उभर सकता है।

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

Your Opinion on this News...

You may also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More