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तिलक वर्मा को सर्जरी करानी पड़ी
नई दिल्ली: विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान राजकोट में तिलक वर्मा को टेस्टिकुलर टॉर्शन के कारण सर्जरी करानी पड़ी। इस सर्जरी की वजह से वह 21 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रारंभ हो रही पांच टी20 मैचों की श्रृंखला के पहले तीन मैचों में नहीं खेल पाएंगे। सर्जरी के बाद, उनकी रिकवरी में 2 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने तिलक की सर्जरी से जुड़ी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की है।
तिलक वर्मा का रिकवरी पर प्रतिक्रिया
सर्जरी के बाद, तिलक वर्मा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर के साथ एक स्टोरी साझा की। उन्होंने लिखा, “आप सभी का इतना प्यार देने के लिए धन्यवाद, मैंने अपनी रिकवरी शुरू कर दी है और मैं जल्द ही मैदान पर वापसी करूंगा।” हालाँकि, श्रृंखला के बाकी दो मैचों में उनकी वापसी ट्रेनिंग और फिटनेस परीक्षण पर निर्भर करेगी।
सर्जरी की आवश्यकता का कारण
विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान एक मैच से पहले नाश्ते के बाद तिलक वर्मा को पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए, उन्हें तुरंत राजकोट के अस्पताल में ले जाया गया, जहां बीसीसीआई की मेडिकल टीम भी उनके साथ थी। जांच में पता चला कि उन्हें टेस्टिकुलर टॉर्शन की समस्या थी। इस समस्या के चलते उन्हें सर्जरी कराने की सलाह दी गई, जिसे उन्होंने बिना किसी देरी के मंजूर किया।
टेस्टिकुलर टॉर्शन क्या है?
टेस्टिकुलर टॉर्शन उस अवस्था को कहते हैं, जब अंडकोष को शरीर से जोड़ने वाली नस मुड़ जाती है, जिसे स्पर्मेटिक कॉर्ड भी कहा जाता है। इस स्थिति में अंडकोष तक रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे अंडकोष या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होता है। इस समस्या का अक्सर सामना एथलीटों को करना पड़ता है, लेकिन आम व्यक्तियों को भी इसका सामना करना पड़ सकता है।
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