Table of Contents
नई दिल्ली: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के लिए हालिया एशेज श्रृंखला एक गंभीर चुनौती साबित हुई है। ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज को तेजी से जीत लिया, जिससे इंग्लैंड की टीम फिर से मुश्किलों का सामना कर रही है। इस हार के बाद टीम के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम की भूमिका पर प्रश्न उठने लगे हैं। इस पर पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सर एलेस्टर कुक को कोचिंग के लिए संभावित विकल्प के रूप में चर्चा में लाया जा रहा है।
क्या सर एलेस्टर कुक इंग्लैंड के अगले हेड कोच बन सकते हैं? आइए इस पर नजर डालते हैं। 2025-26 की एशेज श्रृंखला में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कड़ी हार का सामना करना पड़ा। ब्रेंडन मैकुलम की कोचिंग में टीम ने शुरुआती दौर में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन महत्वपूर्ण मैचों में निरंतर असफलता का सामना कर रही है। मैकुलम का अनुबंध 2027 तक है, लेकिन हार के बाद उनकी भूमिका पर विचार किए जाने लगे हैं।
माइकल एथर्टन का सुझाव
पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल एथर्टन ने हाल ही में सुझाव दिया कि टीम को एक नई दिशा की आवश्यकता है। उन्होंने सर एलेस्टर कुक को असिस्टेंट कोच के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दिया। एथर्टन के अनुसार, मैकुलम का आक्रामक खेल अच्छा है, लेकिन टीम में अनुशासन और मानकों को बनाए रखने के लिए कुक जैसे अनुभवी और शांत व्यक्ति की आवश्यकता है।
एथर्टन ने स्काई स्पोर्ट्स पर कहा, “अब एक अलग तरह की आवाज की जरूरत है। कुक का टीम में शामिल होना विपरीत लेकिन फायदेमंद हो सकता है।”
सर एलेस्टर कुक का दृष्टिकोण
सर एलेस्टर कुक कोचिंग में रुचि रखते हैं। उन्होंने टीएनटी स्पोर्ट्स पर चर्चा करते हुए कहा कि वे इंग्लैंड क्रिकेट में योगदान देना चाहते हैं। कुक ने साझा किया, “मैं हर मोड़ पर इंग्लैंड टीम के लिए बदलाव लाने का इच्छुक हूं। मैं कुछ सकारात्मक बदलाव करना चाहता हूं।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अभी इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से कोई संपर्क नहीं हुआ है।
कुक का आइकोनिक करियर
सर एलेस्टर कुक ने इंग्लैंड के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक होने का दर्जा प्राप्त किया है। उन्होंने 161 टेस्ट मैचों में 12,472 रन बनाए, जो इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक हैं। उनके नाम 33 शतक दर्ज हैं। कप्तान के रूप में, उन्होंने 59 टेस्ट मैचों में नेतृत्व किया और कई ऐतिहासिक जीत दिलाई।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!