Table of Contents
नई दिल्ली: मुंबई के मध्यक्रम बल्लेबाज सरफराज खान ने घरेलू क्रिकेट में अपनी शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा है, लेकिन भारतीय टीम में शामिल होने की राह अभी भी उनके लिए बाधाओं से भरी हुई है।
विजय हजारे ट्रॉफी में गोवा के खिलाफ उनकी रिकॉर्ड तोड़ पारी ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि इतनी उत्कृष्टता के बावजूद वे टीम इंडिया में क्यों नहीं हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में सरफराज का विस्फोट
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के मुकाबले में मुंबई ने गोवा को 87 रनों से हराया, जिसमें सरफराज खान की शानदार बल्लेबाजी मुख्य आकर्षण रही। उन्होंने केवल 75 गेंदों पर 157 रन बनाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
इस पारी में 9 चौके और 14 छक्के शामिल थे। उन्होंने 56 गेंदों में अपना शतक बनाया, जो मुंबई के लिए इस टूर्नामेंट का सबसे तेज शतक बन गया।
मुंबई का विशाल स्कोर
सरफराज की इस अद्भुत पारी की बदौलत मुंबई की टीम ने 50 ओवरों में 444 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गोवा की टीम, इसके जवाब में, केवल 357 रन ही बना सकी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं को आगामी न्यूजीलैंड वनडे श्रृंखला से पहले एक महत्वपूर्ण संदेश भेजा।
भाई मुशीर के साथ अधूरा सपना
हालांकि सरफराज इस पारी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उनके और उनके छोटे भाई मुशीर खान का एक विशेष सपना है — एक ही मैच में दोनों का शतक लगाना। इस मैच में मुशीर ने 60 रन बनाए, लेकिन शतक बनाने में सफल नहीं हुए।
सरफराज ने कहा, ‘हमारा सपना है कि एक ही मैच में हम दोनों शतक बनाएं। पिछले कुछ मैचों में हम काफी करीब पहुंचे हैं, लेकिन आज ऐसा नहीं हो सका।’
टीम इंडिया में जगह की प्रतीक्षा
सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में एक चमकते सितारे हैं। उन्होंने टेस्ट मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन 2025 में उन्हें राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। वे अपनी फिटनेस पर लगातार काम कर रहे हैं, फिर भी चयन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके रनों ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!