नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ आयोजित पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में लगातार तीसरी जीत हासिल की, जिससे उन्होंने अजेय बढ़त बना ली है। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए तीसरे मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 8 विकेट से पराजित किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की टीम केवल 112 रन पर आउट हो गई, जिसे भारत ने 13.2 ओवर में 2 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया।
रेणुका सिंह की शानदार गेंदबाजी
मैच की शुरुआत में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का निर्णय लिया, जो बिल्कुल सही साबित हुआ। वापसी कर रही तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने 4 ओवर में 21 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। वहीं, दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में केवल 18 रन देकर 3 विकेट लिए। इन दोनों गेंदबाजों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने श्रीलंका की बल्लेबाजी को पूरी तरह से प्रभावित किया, जहां कोई भी बल्लेबाज 30 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। इमेशा दुलानी (27) और हसिनी परेरा (25) ने थोड़ी संघर्ष किया, लेकिन नियमित विकेट गिरने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। इस मैच में दीप्ति के तीसरे विकेट के साथ ही उन्होंने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में 151 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की मेगन शुट के साथ सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनने का कीर्तिमान स्थापित किया।
शेफाली वर्मा की धधकती पारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही। स्मृति मंधाना केवल 1 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि जेमिमा रॉड्रिग्स ने 9 रन का योगदान दिया। लेकिन ओपनर शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका के गेंदबाजों पर पूरी तरह से हावी हो गईं। शेफाली ने केवल 24 गेंदों में अर्धशतक बनाया और 42 गेंदों पर नाबाद 79 रनों की मैच विजेता पारी खेली। उनकी पारी में 11 चौके और 3 छक्के शामिल थे, जिनका स्ट्राइक रेट 188 से अधिक रहा। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 21 रनों का सहयोग दिया और टीम को आराम से जीत दिलाई। भारत ने 40 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
यह जीत भारतीय टीम की शक्ति का संकेत देती है, जो पिछले दोनों मैचों में भी श्रीलंका पर भारी रही थी। रेणुका और दीप्ति की वापसी ने गेंदबाजी को मजबूती प्रदान की, जबकि शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम के लिए गति उत्पन्न की। श्रृंखला के बाकी दो मैच 28 और 30 दिसंबर को उसी मैदान पर खेले जाएंगे, जहां भारत क्लीन स्वीप का लक्ष्य रखेगी। श्रीलंका की टीम अब तक संघर्षरत दिख रही है और उनकी बल्लेबाजी में सुधार लाना अनिवार्य है।
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