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प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी की दिल्ली में मुलाकात
नई दिल्ली। बिहार चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर इन दिनों क्या कर रहे हैं, इसकी जानकारी बहुत सीमित है। चुनाव परिणाम के पश्चात उन्होंने प्रेस कॉफ्रेंस आयोजित कर अपनी बातें साझा की और एक दिन का उपवास भी रखा। इसके बाद उन्होंने बिहार के गांवों में दौरा करने की योजना बनाई, लेकिन फिर अचानक उनके गतिविधियों में कमी आ गई। हाल ही में दिल्ली से एक बड़ी खबर आई है कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और प्रशांत किशोर के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है, जो घंटों तक चली।
प्रशांत किशोर का कांग्रेस से पुराना जुड़ाव
प्रशांत किशोर और गांधी परिवार के बीच संबंध काफी पुराना है। 2021 में JDU से अलग होने के बाद, प्रशांत किशोर कांग्रेस के करीब आए थे। 2022 में उन्होंने कांग्रेस के लिए एक योजना भी तैयार की थी, लेकिन अंततः वे अपने राजनीतिक रोल को लेकर असमंजस में पड़ गए और इस कारण उनका साथ टूट गया। इसके बाद उन्होंने बिहार में जन सुराज की स्थापना की और वहीं अपनी पहचान बनाने की कोशिश की।
बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर की असफलता
बिहार चुनाव में, प्रशांत किशोर ने सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का निश्चय किया और मेहनत की, लेकिन सफलता नहीं मिली। नए उम्मीदवारों को उतारकर उन्होंने प्रयास किए, लेकिन नतीजे उनके पक्ष में नहीं आए। वहीं, कांग्रेस भी महागठबंधन के साथ चुनाव में शामिल रही। राहुल गांधी ने प्रचार के लिए विशेष योजनाएं बनाई थीं, लेकिन चुनावी परिणाम कुछ और ही कह रहे थे।
कांग्रेस का चुनावी प्रदर्शन
कांग्रेस ने बिहार में 61 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 6 सीटें ही जीत सकी। इसका प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता भी चुनाव हार गए। हाल ही में प्रियंका गांधी से जब इस मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत मुलाकातों में किसी को रुचि नहीं होनी चाहिए।
प्रियंका गांधी का बयान
जब पत्रकारों ने प्रियंका गांधी से प्रशांत किशोर की मुलाकात पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा कि क्या यह कोई खबर है? उन्होंने संसद के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा और इस तरह के सवालों पर असंतोष प्रकट किया। प्रियंका ने स्पष्ट किया कि यदि चाहतीं, तो इस मुलाकात का पूरी तरह से खंडन कर सकती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
प्रशांत किशोर की टीम का बयान
प्रशांत किशोर की टीम ने इसे अटकलें करार देते हुए कहा कि इस प्रकार की खबरें कहीं से शुरू हुई हैं। प्रियंका गांधी ने आत्मिक रूप से मुलाकात की खबर का खंडन नहीं किया, लेकिन इसे महत्वहीन बताया। ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों नेताओं के बीच कुछ महत्वपूर्ण चर्चा हुई है, जिसकी संभावित राजनीतिक दिशा को लेकर जोश है।
भविष्य की संभावनाएं
सूत्रों के अनुसार, पीके और प्रियंका गांधी के बीच मुलाकात में भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई है। प्रशांत किशोर, जो पहले पर्दे के पीछे रहते थे, अब सार्वजनिक रूप से अपनी भूमिका तय करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस की भी स्थिति खराब है, जिससे यह माना जा सकता है कि दोनों मिलकर आगामी योजनाओं पर काम कर रहे हैं। समय बताएगा कि यह मुलाकात किस प्रकार के राजनीतिक परिणाम लाएगी।
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