16 साल की उम्र में घर छोड़कर संघर्ष करते रहे एक्टर, फिर मिली सफलता

16 साल की उम्र में घर से भागा था एक्टर, वेटर और कूरियर बॉय का किया काम; फिर 1 फिल्म ने पलट दी किस्मत | harshvardhan rane birthday sanam teri kasam actor struggle story career journey

हर्षवर्धन राणे: संघर्ष से सफलता तक का सफर

नई दिल्ली: फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ आज भी दर्शकों के दिलों में बसती है। इस भावनात्मक प्रेम कहानी के बाद अभिनेता हर्षवर्धन राणे ने अपनी पहचान बनाई। 2016 में इस फिल्म के जरिए उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और अपनी बेहतरीन अदाकारी से तुरंत ही फैंस का दिल जीत लिया। हालाँकि, आज जो सफलता उन्हें प्राप्त है, वह वर्षों की मेहनत और बलिदान का फल है।

शुरुआत से पहले की दास्तान

हर्षवर्धन राणे का जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन शो ‘लेफ्ट राइट लेफ्ट’ से की। बॉलीवुड में कदम रखने से पहले, उन्होंने साउथ इंडियन सिनेमा में अपनी योग्यता साबित की। लेकिन उनके सपने हमेशा बड़े रहे, और वे छोटे शहरों से आगे बढ़कर एक बड़े अभिनेता बनने का इरादा रखते थे।

16 साल की उम्र में लिया बड़ा फैसला

सिर्फ 16 साल की उम्र में, हर्षवर्धन ने अपने जीवन को बदलने का निर्णय लिया। जेब में 200 रुपये लेकर, उन्होंने ग्वालियर से भागकर दिल्ली की ट्रेन पकड़ी। यहाँ से उनके संघर्ष की कठिन यात्रा शुरू हुई। दिल्ली में जीवन सरल नहीं था, और उन्हें जीविका के लिए कई छोटे-मोटे काम करने पड़े।

कमाई का सफर

हर्षवर्धन की पहली नौकरी एक STD बूथ में थी, जहाँ उन्हें रोज़ सिर्फ 10 रुपये मिलते थे। इसके बाद, उन्होंने साइबर कैफे में भी काम किया, जिसमें उनकी दैनिक कमाई 20 रुपये थी। एक पुराने साक्षात्कार में, हर्षवर्धन ने बताया कि 2002 से 2004 के बीच उन्होंने वेटर, कूरियर ब्वॉय, ऑपरेटर और यहाँ तक कि DJ असिस्टेंट के रूप में भी काम किया। इनके माध्यम से ही उन्होंने अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ाया।

कॉल सेंटर में भाषा सीखी

अध्ययन के लिए समय न मिलने के कारण, हर्षवर्धन अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर सके। वे इंग्लिश बोलने में भी संकोच का अनुभव करते थे। इंग्लिश कोचिंग क्लास का खर्च नहीं उठा पाने के कारण, उन्होंने भाषा कौशल सुधारने के लिए एक कॉल सेंटर जॉइन किया। कई सालों की मेहनत के बाद, हर्षवर्धन राणे को आखिरकार सफलता प्राप्त हुई, और ‘सनम तेरी कसम’ उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ बना।

बॉलीवुड में पहली फिल्म का सफर

हाल ही में, यह फिल्म फिर से सिनेमाघरों में रिलीज हुई और अपने मूल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से 170% ज्यादा कमाई की। हर्षवर्धन ने एक बार बताया कि उन्हें ऑडिशन में चार महीने देर से जाना पड़ा था और उन्हें निर्माताओं से बार-बार अनुरोध करना पड़ा। बॉलीवुड में डेब्यू से पहले, वे पहले ही जेनेलिया डिसूजा और नयनतारा जैसी प्रसिद्ध अभिनेत्रियों के साथ काम कर चुके थे। उनकी हालिया फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानगी’ को भी दर्शकों द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

Your Opinion on this News...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More