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पंजाब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को सस्पेंड किया
नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है। नवजोत कौर, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित कई वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे, की इस कार्रवाई ने राजनीतिक गरमा-गर्मी बढ़ा दी है। उन्होंने टिकट बेचने और व्यक्तिगत इच्छाओं का हवाला देते हुए यह कहा कि ये फैसले पंजाब के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं।
राज्यपाल से मुलाकात और शर्तें
शनिवार को नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि यदि कांग्रेस ने सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तभी वह सक्रिय राजनीति में लौटेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में वह टीवी पर अच्छे पैसे कमा रही हैं। नवजोत ने यह जताया कि सिद्धू का कांग्रेस से जुड़ाव है, लेकिन विपक्ष में उनकी स्थिति को लेकर उन्हें चिंता है।
आरोप और प्रतिक्रियाएँ
नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी नेताओं के खिलाफ कई बार बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने 500 करोड़ रुपये में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी बेचने के आरोपों का भी उल्लेख किया, हालांकि बिना पार्टी का नाम लिए। हाल ही में, सिद्धू ने राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के नेताओं के साथ सांठ-गांठ का आरोप लगाया है, जिसमें अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा का जिक्र किया गया है। उन्होंने काउंसलर चुनाव में 5 करोड़ रुपये की लेन-देन का भी आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर जानकारी साझा
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने नवजोत कौर के खिलाफ सस्पेंशन की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की। उन्होंने एक पत्र भी जारी किया जिसमें इस सस्पेंशन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।
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