संजय राउत ने कहा, कांग्रेस के BMC चुनाव निर्णय पर MNS की भागीदारी जरूरी

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बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के फैसले पर संजय राउत की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि वह बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले पर विचार करने के लिए पार्टी के आलाकमान से चर्चा करेंगे। राउत ने संवाददाताओं से बताया कि विपक्षी महा विकास आघाड़ी में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का शामिल होना आवश्यक है, ताकि भाजपा को हराने में मदद मिल सके।

कांग्रेस का निर्णय और शिवसेना का रुख

संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस के बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का निर्णय भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है। हाल ही में, कांग्रेस की मुंबई इकाई ने मनसे के साथ गठबंधन से इनकार किया था और स्वतंत्र रूप से नगर निकाय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का मानना है कि कांग्रेस को महा विकास आघाड़ी का हिस्सा बनना चाहिए।

चुनाव के बाद का आत्मविश्वास

राउत के अनुसार, यदि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई है और वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने को तैयार हैं, तो उन्हें इस पर विचार करना चाहिए। हाल ही में हुए बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 सदस्यीय सदन में 200 से अधिक सीटें जीतकर अपनी सत्ता बनाए रखी है, जबकि कांग्रेस केवल 6 सीटें ही जीत पाई।

साथ बैठकों का आश्वासन

संजय राउत ने कहा कि वह दिसंबर के दूसरे सप्ताह में दिल्ली जा रहे हैं और कांग्रेस आलाकमान से चर्चा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिवसेना और मनसे के बीच सकारात्मक चर्चा चल रही है और सीट बंटवारे पर बैठकें जारी हैं। राउत ने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच बातचीत का सिलसिला बेहद अच्छा है।

भाजपा पर आरोप

इस बीच, राउत ने भाजपा पर पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र में चुनावी संस्कृति को भ्रष्ट करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने यह दावा किया कि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए इतनी बड़ी मात्रा में धन का उपयोग कभी नहीं किया गया।

स्थानीय निकाय चुनाव का कार्यक्रम

महाराष्ट्र में विभिन्न स्थानीय निकायों के चुनाव मंगलवार को होने जा रहे हैं। हालांकि, बीएमसी और अन्य नागरिक निकायों के चुनावों का कार्यक्रम अभी तक घोषित नहीं किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी, 2026 तक पूरे कर लिए जाएं।

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