📌 गांडीव लाइव डेस्क:
जमशेदपुर के प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. अशोक अविचल को ‘त्रिवेणी कांत ठाकुर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार साहित्य, रंगमंच और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिवर्ष दिया जाता है। डॉ. अविचल वर्तमान में जमशेदपुर के करनडीह स्थित एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य और कोल्हन विश्वविद्यालय चाईबासा के प्रवक्ता भी हैं।
हजारीबाग में हुआ सम्मान समारोह 🎉
हजारीबाग में त्रिवेणीगंज न्यास द्वारा आयोजित समारोह में डॉ. अशोक अविचल को यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्हें 11,000 रुपए, ताम्र पत्र और अंग वस्त्र भेंट किए गए।
डॉ. अशोक अविचल: एक संक्षिप्त परिचय 📚
डॉ. अशोक अविचल का कार्यक्षेत्र बहुत विस्तृत है, जिसमें मैथिली, हिंदी और संथाली में कुल 28 पुस्तकों का प्रकाशन शामिल है। वे देश के प्रमुख शिक्षाविदों में शुमार हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मैथिली साहित्यिक पत्रिकाओं जैसे ‘कचोट’, ‘झारखंडक डाक सनेस’, ‘संस्कृति’ और ‘ललित संदेश’ का संपादन किया है। इसके अलावा, डॉ. अविचल ने झारखंड वाणी हिंदी साप्ताहिक का भी एक दशक तक संपादन किया है।
वे कई विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और दैनिक समाचार पत्रों में नियमित रूप से लेख भी लिखते हैं। डॉ. अविचल ने मैथिली, हिंदी, अंग्रेजी और शिक्षा में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की साहित्य अकादमी में उत्तर पूर्वी क्षेत्र के संयोजक के रूप में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके साथ ही, वे मैथिली सलाहकार समिति के संयोजक और कार्यकारी एवं सामान्य परिषद के सदस्य भी रहे हैं। डॉ. अविचल के कार्यकाल में, साहित्य अकादमी ने लगातार दो वर्षों तक 22 भाषाओं में सर्वाधिक मैथिली पुस्तकें प्रकाशित करने का रिकॉर्ड भी स्थापित किया।
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