कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी पर पीएम मोदी का अहमदाबाद का पक्ष

by TejaswitaTejaswita Mani
‘दुनिया का स्वागत करने को तैयार’, अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिलने पर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया | Ready to welcome world PM Modi reacts on Ahmedabad being awarded Commonwealth Games 2030

भारत ने 2030 सेंचुरी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी प्राप्त की

बुधवार का दिन भारत के लिए खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जब देश ने 2030 सेंचुरी कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन करने का अधिकार हासिल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस ऐतिहासिक अवसर का स्वागत करने के लिए तत्पर है। अहमदाबाद को आधिकारिक मेज़बान शहर घोषित किए जाने के साथ, भारत एक बार फिर वैश्विक खेल मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। इससे पहले, 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन हुआ था।

भारत को मिली मेज़बानी की स्वीकृति

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में 74 देशों ने भारत के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। अहमदाबाद की पहचान एक आधुनिक, संस्कृति से समृद्ध और विश्वस्तरीय आयोजन स्थल के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव में भारत की युवा आबादी, खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और मज़बूत खेल संस्कृति को मुख्य आधार बनाकर प्रस्तुत किया गया।

‘दुनिया का स्वागत करने को तैयार’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेज़बानी की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनकर गर्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की खेल भावना और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना ने भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2030 में विश्व भारत की मेज़बानी और उत्सव जैसी ऊर्जा का अनुभव करेगा।

इन खेलों को मिल सकती है जगह

अहमदाबाद आयोजन समिति कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय महासंघों के सहयोग से खेल कार्यक्रम को अंतिम रूप देगी। संभावित खेलों में आर्चरी, बैडमिंटन, 3×3 बास्केटबॉल, 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल, बीच वॉलीबॉल, टी20 क्रिकेट, साइक्लिंग, डाइविंग, हॉकी, जूडो, रिदमिक जिम्नास्टिक्स, रग्बी सेवेंस, शूटिंग, स्क्वैश, ट्रायथलॉन और रेसलिंग शामिल हैं। आयोजक अन्य नए या पारंपरिक खेलों को भी शामिल कर सकते हैं।

PT उषा ने कही महत्वपूर्ण बातें

कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष PT उषा ने इस उपलब्धि को भारत के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि 2030 का आयोजन कॉमनवेल्थ मूवमेंट के 100 साल पूरे होने का उत्सव होगा और आने वाली सदी की नींव रखने में सहायक सिद्ध होगा। उनका मानना है कि यह गेम्स विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों को एकजुट करने का शानदार अवसर होगा।

कॉमनवेल्थ गेम्स की 100 साल की यात्रा

पहला कॉमनवेल्थ गेम्स 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में आयोजित किया गया था। अहमदाबाद में होने वाला 2030 संस्करण इन खेलों की सदी पूरी होने का उत्सव है। यह आयोजन न सिर्फ खेल उत्कृष्टता का प्रतीक बनेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सौहार्द और सहयोग की उदाहरण भी पेश करेगा।

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