गौतम गंभीर की आलोचना, टीम इंडिया के प्रदर्शन पर आईसीलैंड क्रिकेट की टिप्पणी

by TejaswitaTejaswita Mani
Published: Updated:
'गौतम गंभीर के लिए कोई वैकेंसी नहीं...', टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर किस क्रिकेट बोर्ड ने लिए मजे | ind vs sa Iceland Cricket trolled gautam gambhir

नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया में हास्य और ट्रॉलिंग करने में आइसलैंड क्रिकेट बोर्ड सबसे आगे है। गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद से टीम इंडिया का टेस्ट प्रदर्शन निरंतर गिरता जा रहा है, जिसे लेकर आइसलैंड क्रिकेट ने सोशल मीडिया पर व्यंग्य किया है।

गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, और इस परिस्थिति का लाभ उठाते हुए आइसलैंड क्रिकेट ने मजेदार ट्वीट किया है।

आइसलैंड क्रिकेट बोर्ड का गौतम गंभीर पर व्यंग्य

उन्होंने ट्वीट में लिखा कि “गौतम गंभीर के लिए हमारे यहाँ कोई रिक्ति नहीं है क्योंकि हमारा कोचिंग पद पहले से भरा हुआ है, और 2025 में हमने 75% मैच जीते हैं।”

आइसलैंड क्रिकेट का एक्स हैंडल हमेशा से अपनी सच्चाई और हास्य के लिए जाना जाता है। रविवार को उन्होंने कहा कि सभी प्रशंसकों के सवालों का जवाब दिया है, और गौतम गंभीर को आइसलैंड का कोच नहीं बनाया जाएगा। इसका कारण यह है कि उनका कोचिंग स्टाफ पहले से ही पूरा है और इस वर्ष उनकी टीम शानदार फॉर्म में है।

गंभीर के कोचिंग करियर में चुनौतीपूर्ण समय

जुलाई 2024 में गौतम गंभीर को टीम इंडिया का मुख्य कोच बनाया गया था। शुरुआत बेहतरीन रही, जिसमें व्हाइट बॉल में चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीतकर उन्होंने प्रशंसकों को उत्साहित किया। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उसका प्रदर्शन संपूर्ण रूप से निराशाजनक रहा।

भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ घर में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा, जो 12 वर्षों में पहली बार हुआ। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-3 से हार मिली। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उनकी टीम पीछे चल रही है।

गंभीर का रेड बॉल क्रिकेट में रिकॉर्ड

गौतम गंभीर के टेस्ट कोचिंग करियर में 18 मैचों में सिर्फ 7 जीत, 9 हार और 2 ड्रॉ के आंकड़े उनके प्रदर्शन पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। लगातार बल्लेबाजी में गिरावट, चयन में कंफ्यूजन और आक्रामक दृष्टिकोण का नुकसान खड़ा हो रहा है।

वनडे और टी20 में सफलता

गंभीर की कोचिंग में वनडे और टी20 का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। महज नौ महीनों में दो प्रमुख खिताब जीतना कोई छोटी बात नहीं है। हालाँकि, टेस्ट क्रिकेट में निरंतर असफलता ने उनके पूरे कार्यकाल पर तلال किया है। सोशल मीडिया पर ऐसे असफलताओं के लिए केवल हार की तस्वीर बनती है, और इसी कारण मीम निर्मित होते हैं।

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