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साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में हार के बाद मोहम्मद कैफ का बड़ा बयान
नई दिल्ली: भारत की घरेलू पिचों पर अजेय रहने का मिथक हाल के समय में टूटता हुआ नजर आ रहा है। पहले न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से हराया और अब साउथ अफ्रीका ने कोलकाता टेस्ट में भारतीय टीम को एक और करारी हार दी।
इस मैच में भारत को केवल 124 रनों का लक्ष्य मिला, लेकिन भारतीय बल्लेबाज एकदिवसीय खेल की तरह महज 93 रनों पर सिमट गए। यह हार एक सामान्य मैच की हार नहीं थी, बल्कि यह टीम के अंदर चल रही असमंजस की स्पष्ट पहचान थी।
मोहम्मद कैफ ने दबाव पर जताई चिंता
पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने इस हार के बाद टीम प्रबंधन को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है, जिसके कारण सभी अपने स्थान को लेकर भयभीत हैं।
कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “खिलाड़ियों को महसूस होता है कि कोई उनका समर्थन नहीं कर रहा है। वे डर के साए में खेल रहे हैं। स्पष्टता की कमी के कारण कोई खुलकर प्रदर्शन नहीं कर पा रहा।”
सरफराज खान का उदाहरण
कैफ ने सरफराज खान का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपनी डेब्यू श्रृंखला में शतक लगाया, फिर भी उन्हें अगली सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला। उसी तरह, साई सुधर्शन ने इंग्लैंड के खिलाफ 87 रनों की बेहतरीन पारी खेली, लेकिन उन्हें भी अगले टेस्ट में नहीं चुना गया। कैफ ने सवाल उठाया, “जब एक शतक के बावजूद स्थायी स्थान नहीं मिल रहा, तो खिलाड़ी खुलकर कैसे खेल सकेगा?”
स्पिन ट्रैक बनाने की परंपरा का प्रभाव
भारत ने हाल के वर्षों में घरेलू मैदान पर अधिक टर्निंग पिचें बनवाई हैं। जबकि गेंदबाजों को इसका लाभ मिल रहा है, लेकिन इसके चलते बल्लेबाजों का आत्मविश्वास गिर रहा है।
इंग्लैंड में जब फ्लैट विकेट मिले, तब भारतीय बल्लेबाजों ने रन बनाएं, लेकिन जैसे ही टर्निंग या उछाल वाली पिचें आईं, बल्लेबाजी में लड़खड़ाहट देखने को मिली।
पिचों पर पूर्व क्रिकेटरों की राय
कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि घर में अच्छी बल्लेबाजी पिचें होनी चाहिए, ताकि खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ रन बना सकें। दूसरी ओर, कोच गौतम गंभीर ने स्पष्ट कहा है कि पिचों की शिकायत नहीं की जाएगी, बल्कि बल्लेबाजों को टर्निंग पिचों पर खेलना सीखना होगा।
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