रांची | जेल में बंद पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के रिश्तेदार आलोक रंजन से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. ED ने कोर्ट के आदेश के बाद आलोक रंजन से एक दिन पूछताछ की. जानकारी के मुताबिक इस पूछताछ में आलोक रंजन ने कई अहम खुलासे किये हैं. आज शुक्रवार सुबह ED की टीम उसे लेकर PMLA के स्पेशल न्यायाधीश के समक्ष पहुंची जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
एजेंसी ने मंगलवार देर शाम उसे गिरफ्तार किया था. इससे पहले ईडी ने बीते 22 फरवरी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंजीनियर वीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था. 21 फरवरी को ईडी ने पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के 24 ठिकानों पर छापेमारी थी. इस दौरान लगभग डेढ़ करोड़ के जेवरात के अलावा देश के कई शहरों में करोड़ों के निवेश के दस्तावेज बरामद किये गये थे.
दिलचस्प बात यह है कि वकील नाम से जाना जाने वाला आलोक रंजन वही व्यक्ति हैं, जिन्हें 2019 में झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था. जब एसीबी ने विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता सुरेश प्रसाद वर्मा के जमशेदपुर स्थित परिसर में छापा मारा था और 2.67 करोड़ नकद बरामद किये थे. उक्त राशि आलोक रंजन के कमरे से बरामद की गयी थी, जिसने यहां किराएदार के रूप में रहने का दावा किया था.बता दें कि ईडी ने वीरेंद्र राम के खिलाफ 2019 में उसके मातहत से बड़ी रकम की बरामदगी के सिलसिले में छापेमारी की थी.
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