आस्ट्रेलिया से मंगाई दो ड्रिफ्टरनर फांक रही धूल
तीन साल से चुरी में है खड़ी
रांची। सरकारी खजाने का दुरुपयोग पीएसयू में आम बात हो गयी है। ताजा मामला सीसीएल के एनके एरिया के चुरी परियोजना से जुड़ा है। सीसीएल ने 17 मार्च 2020 को आस्ट्रेलिया से लगभग 20 करोड़ की लागत से दो ड्रिफ्टरनर व्हेकिल खरीदी। इन महंगी गाड़ियों के खरीदने का उद्देश्य था- कम समय में एक साथ 16 कामगारों को खदान में सुरक्षित पहुंचाना।
ये दोनों गाड़ियां आस्ट्रेलिया से कोलकाता के रास्ते डकरा एनके एरिया पहुंच भी गयी, परंतु पिछले तीन सालों में इसको एक बार भी चलाया नहीं जा सका। टेक्नीकल रूप से इनकी गारंटी-वारंटी की बात कौन करे, इनके उचित रखरखाव तक की सुध सीसीएल के अफसरानों को नहीं है। नतीजतन, खुले आसमान के नीचे धूल फांक रही इन गाड़ियों में झाड़ियां उगने लगी है।
उत्पादन बढ़ाना था लक्ष्य
चुरी भूमिगत खदान में कामगारों को खनन स्थल तक पहुंचने में घंटा भर से ज्यादा समय लग जाता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। इन वाहनों को लाने के पीछे मंशा थी कि कार्यस्थल पर एक साथ 16 कर्मचारी जल्दी पहुंच जाएंगे, जिससे उत्पादन बढेगा। इसके लिए खर्च तो हो गये, पर लक्ष्य अधूरा ही रहा।

अबतक नहीं मिली अनुमति
खदान में इन गाड़ियों के परिचालन से पहले डायरेक्टर जनरल आॅफ माइंस सिक्योरिटी की अनुमति जरूरी होती है। लेकिन सीसीएल के अफसर अबतक यह परमिशन नहीं हासिल कर सकें। चुरी परियोजना के पीओ कमल माजी कहते हैं कि डीजीएमएस की अनुमति मिलते ही वाहन का उपयोग शुरु कर दिया जाएगा।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!