रांची के टोल प्लाजा पर बवाल, 30-40 लोगों ने किया हमला

रांची : रांची के मांडर थाना क्षेत्र में स्थित एक टोल प्लाजा पर बीती रात एक गंभीर घटना घटित हुई। लगभग 30 से 40 लोगों का एक समूह विभिन्न वाहनों में वहां पहुंचा और टोल लाइन को तोड़ते हुए परिसर में घुस गया। जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने टोल मैनेजर और अन्य कर्मियों के साथ मारपीट की, जिसमें कई कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

घटना का समय और प्रारंभिक विवरण

टोल प्रबंधन के अनुसार, यह घटना 13 अप्रैल को रात करीब 9 बजे हुई। विवाद टोल प्लाजा के लाइन नंबर 7 पर शुरू हुआ, जो ओडी और बाइक्स के लिए निर्धारित था। कुछ लोग जबरन अपनी कारों के साथ वहां घुसने का प्रयास कर रहे थे। जब कर्मियों ने उन्हें रोका, तो आरोपी उग्र हो गए और टोल लाइन पार कर अंदर चले गए।

मारपीट की घटना

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने टोल मैनेजर के साथ गाली-गलौज करते हुए बुरी तरह से मारपीट की। इसके बाद अन्य कर्मचारियों पर भी हमला कर दिया गया। इस मारपीट में टोल का अकाउंटेंट और अन्य कर्मी भी घायल हो गए। घटना के बाद टोल प्लाजा पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया।

संपत्ति को नुकसान

टोल प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि टोल प्लाजा की सरकारी संपत्ति को भी क्षति पहुंचाई। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि उन्होंने कुछ उपकरण और टोल बूथ के सामान को तोड़ दिया।

नकद चोरी का आरोप

टोल कर्मियों ने यह भी बताया कि हमलावरों ने हंगामा करते समय टोल से 5,000 रुपये नकद भी चुरा लिए।

घटना में शामिल वाहनों की जानकारी

घटना में शामिल कुछ वाहनों के नंबर भी सामने आए हैं। शिकायत में उल्लेखित वाहन इस प्रकार हैं—

  • 8553 स्विफ्ट (ब्लू रंग)
  • JH 02 BM 9725 बलेनो (सिल्वर रंग)
  • HBOA 3900 अल्टो 800
  • 8239 स्विफ्ट कार
  • JH 01 AN 2870
  • इसके अलावा कुछ अन्य गाड़ियां भी बताई गई हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।

पुलिस में शिकायत और कार्रवाई की मांग

टोल प्रबंधन ने मांडर थाना में आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन में कहा गया है कि यह हमला जानलेवा था और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है। आरोपियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।