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एक नज़र में पूरी खबर
- बोकारो ट्रेजरी से लगभग 3 करोड़ 15 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले में उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
- जांच में पाया गया कि पुलिस उप निरीक्षक उपेन्द्र सिंह के नाम से निकाली गई राशि को अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया, जो सामान्य सरकारी नियमों के अनुसार नहीं था।
- आरोपी अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार किया गया है और उपायुक्त ने खातों को फ्रीज करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
बोकारो : बोकारो ट्रेजरी से वेतन मद में लगभग 3 करोड़ 15 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर ट्रेजरी ऑफिसर गुलाब चंद उरांव ने इस संबंध में बीएससिटी थाना में देर रात प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जांच में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा
ट्रेजरी ऑफिसर द्वारा प्रस्तुत आवेदन के अनुसार, जांच की शुरुआत की गई थी। इस दौरान कोषागार के अभिलेखों और बैंक खातों की विवरणियों का गहन परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि पुलिस उप निरीक्षक उपेन्द्र सिंह के नाम से वित्तीय वर्ष 2024-25 में मई 2024 से मार्च 2026 तक वेतन मद से निकाली गई राशि को अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। यह भी स्पष्ट हुआ कि निकासी और ट्रांसफर की प्रक्रिया सामान्य सरकारी नियमों के अनुरूप नहीं थी।
पत्नी के खाते में की गई राशि का ट्रांसफर
जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। ट्रेजरी ऑफिसर के अनुसार, वेतन मद से निकाली गई राशि का ट्रांसफर पुलिस विभाग के अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया, और यह राशि उनकी पत्नी के बैंक खाते में डाली गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया है।
उपायुक्त के निर्देश पर जांच की शुरुआत
मामले का खुलासा होते ही उपायुक्त अजय नाथ झा ने इसे गंभीर मानते हुए अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी को विस्तृत जांच का आदेश दिया। उन्हें निर्देश दिया गया कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच करें और 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को प्रस्तुत करें।
खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू
अपर समाहर्ता की प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के खुलासे के बाद उपायुक्त ने तुरंत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि उपेन्द्र सिंह के नाम पर वेतन मद से की गई निकासी सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है, और इसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है। इसके बाद उपायुक्त ने संबंधित व्यक्ति और उससे जुड़े बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया आरंभ करने का निर्देश दिया। साथ ही, विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी करने का आदेश दिया गया है।
एसपी को कार्रवाई के निर्देश
प्रशासन ने यह भी बताया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक बोकारो को आवश्यक कानूनी कदम उठाने का निर्देश दिया है।
अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जांच के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। जिला प्रशासन ने कहा कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ जांच की जा रही है, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उपायुक्त स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
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