- खलारी डीएसपी की बालू माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई
- देर रात से सुबह तक होती रही छापेमारी
- अवैध बालू लदे 11 हाईवा किये गये जब्त
- बुड़मू के बालू तस्करों में मची खलबली,
- 200 सीएफटी के चालान पर 800 सीएफटी है लोड
15 जून से 15 अक्टुबर तक एनजीटी ने लगाया है रोक डीएमओ को लिखा गया लेटर,होगी जांच-डीएसपी
रांची। खलारी डीएसपी अनिमेष नैथानी और मांडर इंस्पेक्टर के द्वारा बीती रात बुड़मू थाना के सोसई गांव के आस पास छापामारी कर अवैध रुप से बालू तस्करी कर रहे 11 हाईवा को जब्त किया गया है।
जब्त किये गये सभी हाईवा में छापर नदी से बालू उठा कर रांची के बाजारों में बिक्री करने के लिए ले जाया जा रहा था। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
इस संबंध में डीएसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि जिले के पुलिस कप्तान किशोर कौशल को थाना क्षेत्र के छापर नदी से अवैध बालू तस्करी की सूचना मिल रही थी,जिस पर उन्होें ने कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उसके बाद मांडर इंस्पेक्टर के साथ टीम बना कर बीती देर रात गुप्त रुप से बुड़मू थाना के सोसई के रास्ते हो कर आने वाले बालू लदे हाईवा को रोक कर जांच की गयी, जिसमें कई के पास चालान तो थे पर किसी के पास दो सौ सीएफटी का तो किसी के पास पांच सौ सीएफटी का ही चालान था,जबकी सभी हाईवा में 8 सौ से 9 सौ सीएफटी तक बालू लोड पाया गया। डीएसपी श्री नैथानी ने बताया कि छापामारी की खबर मिलते और पुलिस पर नजर पड़ते ही कई हाईवा के चालक मौके से फरार हो गये। उन्होंने कहा ओवर लोड बालू की जांच के लिए जिला खनन पदाधिकारी को पत्र लिखा गया है,उनके द्वारा जांच रिर्पोट के आधार पर कार्रवाई होगी।
ओवर लोड बालू को कम करते देखा गया
पुलिस द्वारा हाईवा जब्त करने के बाद कुछ चालकों द्वारा ओवर लोड बालू को सड़क किनारे गिरा दिया गया,जिसे कुछ मालिकों द्वारा ट्रैक्टर से उठा लिया गया,और कुछ को ग्रामीण उठा कर ले गये।
स्टॉक से बालू बिक्री के लिए दिया गया है चालान
मालूम हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशनुसार 15 जून से 15 अक्तूबर तक देश भर की नदियों से बालू के उठाव करने पर पाबंदी लगी हुई है,उसके बावजूद झारखंड राज्य के सभी जिलों की नदियों से माफियाओं पुलिस और खनन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से जून से अभी तक बालू का उठाव किया जाता रहा है।
ऐसे बालू के काले धंधे को सफेद करने के लिए खनन विभाग की ओर से कुछ ठेकेदारों को स्टॉक से बालू बिक्री करने के लिए चालान उपलब्ध कराये गये हैं,जो नदी से बालू निकलवा कर पास में ही स्टॉक करत हैं और उसे ही स्टॉक दिखा कर बालू का क्राईसेस बोल कर महंगे दामों में बाजारों में बिक्री कर रहे हैं। जबकी स्टॉकिस्टों को दूर दराज से बालू मंगवा कर स्टॉक करने के बाद बिक्री करना है। लेकिन यहां तो अवैध कमाई के लिए संबंधित अधिकारी व पदाधिकारी एनजीटी के आदेश को चार महीने से दिखा रहे हैं ठेंगा।और सभी काट रहे हैं चांदी।
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