बोकारो। गुजरात के राजकोट में ब्रेजा टाइल्स कंपनी मोरगी में बंधक बने नावाडीह सहित बेरमो और धनबाद के 14 मजदूर सकुशल वापस अपने घर लौट गए।
मंगलवार की शाम सभी अपने-अपने घर लौट आए। घर पहुंचते ही परिजनों के आंखों में आंसू छलक आए। गोरमारा के भेला सिंह ने बताया कि उसके अलावा गोरमारा के लीलू सिंह, गोवर्द्धन सिंह, विकास सिंह, मनोज मांझी, संजय सिंह, विनोद मांझी, भवानी के राजेश महतो, धनंजय महतो, चंद्रपुरा के खलचो के मधुर सोरेन, तुरियो के पवींद्र सिंह, तोपचांची सतकीरा के राहुल बास्के गिरिडीह के पावापुर निवासी दलाल मनोज के साथ एक माह पहले काम करने गुजरात गए हुए थे। जहां सभी से प्रतिदिन 12-14 घंटे काम लिया जाता था। बदले में न सही से खाने दिया जाता था और न ही कोई अन्य सुविधा दी जाती थी। बाद में बोकारो जिला प्रशासन की पहल पर बीते 31 अक्टूबर को सभी बंधक बनाए गए लोगों को मुक्त किया। दो दिन लंबी सफर के बाद वे सभी मंगलवार की दोपहर मुंबई हावड़ा ट्रेन से धनबाद पहुंचे। भेला ने बातचीत में कंपनी के शोषण की व्यथा बताते हुए रो पड़ा। साथ ही उसने कहा कि अब वह कभी रोजगार के लिए दूसरा प्रदेश नहीं जाएगा। गांव में ही खेती व अन्य रोजगार कर यही रहेंगे।
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